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जालसाजों को कर्ज देने पर बैंक प्रबंधक समेत पांच पर मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:14 PM IST
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बैंक फ्रॉड
मुरसान के गांव नगला गजुआ स्थित केनरा बैंक के तत्कालीन मैनेजर एसके घोष, फील्ड ऑफिसर बीके यादव और गांव ढकपुरा निवासी योगेश गौड़ व दो अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन करने के आरोप में कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर धोखाधड़ी के आरोप में पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। तीन आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
ढकपुरा निवासी अरुणा पत्नी योगेश कुमार ने कोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा था कि गांव के योगेश कुमार गौड़ और केनरा बैंक के तत्कालीन मैनेजर एसके घोष, फील्ड ऑफिसर बीके यादव और दो अज्ञात लोगों ने जनधन खाते खोलने के लिए तीन साल पहले गांव में कैंप लगाया था। गांव के कई लोगों के दस्तावेज, फोटो, हस्ताक्षर आदि खाता खोलने के नाम पर ले लिए थे।
इसके बाद आरोपियों ने अरुणा के नाम से फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दो अज्ञात गारंटरों की सहायता से 50 हजार रुपये का लोन कर दिया। इसके बाद खाते में लोन के 50 हजार रुपये और पहले से मौजूद पांच हजार रुपये समेत 55 हजार रुपये एटीएम से निकाल लिए। अरुणा ने जब अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो उसमें केवल एक हजार रुपये ही निकले। इसके बाद अरुणा ने पुलिस से मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा। पुलिस के मुकदमा दर्ज करने से इंकार करने पर अरुणा ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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ढकपुरा निवासी अरुणा पत्नी योगेश कुमार ने कोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा था कि गांव के योगेश कुमार गौड़ और केनरा बैंक के तत्कालीन मैनेजर एसके घोष, फील्ड ऑफिसर बीके यादव और दो अज्ञात लोगों ने जनधन खाते खोलने के लिए तीन साल पहले गांव में कैंप लगाया था। गांव के कई लोगों के दस्तावेज, फोटो, हस्ताक्षर आदि खाता खोलने के नाम पर ले लिए थे।
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इसके बाद आरोपियों ने अरुणा के नाम से फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दो अज्ञात गारंटरों की सहायता से 50 हजार रुपये का लोन कर दिया। इसके बाद खाते में लोन के 50 हजार रुपये और पहले से मौजूद पांच हजार रुपये समेत 55 हजार रुपये एटीएम से निकाल लिए। अरुणा ने जब अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो उसमें केवल एक हजार रुपये ही निकले। इसके बाद अरुणा ने पुलिस से मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा। पुलिस के मुकदमा दर्ज करने से इंकार करने पर अरुणा ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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