{"_id":"5ab14d284f1c1b92778b67b0","slug":"after-the-abduction-the-dead-body-was-buried-in-the-dead-body","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण के बाद बच्चे की हत्या कर शव खेत में गाड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपहरण के बाद बच्चे की हत्या कर शव खेत में गाड़ा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
प्रशांत (फाइल फोटो)।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र में गांव ठूलई के निकट मंगलवार की शाम करीब साढ़े छह बजे खेतों से एक बच्चे का बोरे में बंद शव आधा गड़ा हुआ मिला। यह देखकर किसानों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने 25 फरवरी से सिकंदराराऊ से लापता चल रहे बच्चे के परिजनों को बुलाया तो उन्होंने उसकी शिनाख्त प्रशांत के रूप में की। पुलिस ने शक के आधार पर एक शख्स को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
हाथरस जंक्शन के कोतवाल जगदीशचंद्र ने बताया कि ठूलई के निकट कुछ लोगों ने खेत में आधी गड़ी हालत में इस शव को देखा था। इस शव को रात में ही गाड़ने की कोशिश की गई है, क्योंकि सोमवार की सुबह तो इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाई गई थी। ऐसा लगता है कि गाड़ने वालों ने किसी को आते हुए देख लिया और वह इसे आधी गड़ी हालत में ही छोड़कर भाग गए। शव बोरे में बंद था और उसका एक हाथ और एक पांव बाहर निकला हुआ था। बच्चे की उम्र करीब नौ से 10 साल थी।
पुलिस को आशंका थी कि यह शव 25 फरवरी को सिकंदराराऊ से लापता 9 वर्षीय प्रशांत पुत्र शंकरपाल निवासी गांव बरामई ईदगाह रोड का हो सकता है। पुलिस ने प्रशांत के माता-पिता को कोतवाली हाथरस जंक्शन बुलवा लिया। देर रात माता-पिता ने शव की पहचान प्रशांत के रूप में कर ली। शव की शिनाख्त बच्चे के नेकर और हाथ में पहने पीतल के कड़े से की गई। प्रशांत अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। दो उससे बड़ी और दो उससे छोटी बहनें हैं, जिसमें से एक बहन की कुछ दिन बाद ही शादी होने वाली है।
विज्ञापन
पिता शंकरपाल का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। पता नहीं किसने उनके परिवार के इकलौते चिराग को उनसे छीना है। शंकरपाल ने बताया कि उनका बेटा 25 फरवरी को घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। तभी कुछ नकाबपोश लोग वहां आए और उससे कहा कि उसके माता-पिता बुला रहे हैं। इसके बाद प्रशांत का कुछ पता नहीं चला। उन्होंने इस मामले में कोतवाली सिकंदराराऊ में अपहरण के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कराया। सिकंदराराऊ पुलिस ने आसपास के थानों में भी इस बच्चे के लापता होने की जानकारी भिजवा दी थी। बच्चे के लापता होने के पोस्टर भी लगवाए गए थे।
--------
माता-पिता की बातों से तो ऐसा लगता है कि 25 फरवरी को बच्चे को ले जाने वाले लोग उसके नजदीकी ही रहे होंगे। जब ही वह इतनी आसानी से उनके साथ चला गया। मामले की छानबीन चल रही है। चूंकि मुकदमा सिकंदराराऊ कोतवाली में दर्ज है, इसलिए इस मामले को वहीं रेफर किया जाएगा।
-जगदीशचंद्र, कोतवाल हाथरस जंक्शन
विज्ञापन
हाथरस जंक्शन के कोतवाल जगदीशचंद्र ने बताया कि ठूलई के निकट कुछ लोगों ने खेत में आधी गड़ी हालत में इस शव को देखा था। इस शव को रात में ही गाड़ने की कोशिश की गई है, क्योंकि सोमवार की सुबह तो इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाई गई थी। ऐसा लगता है कि गाड़ने वालों ने किसी को आते हुए देख लिया और वह इसे आधी गड़ी हालत में ही छोड़कर भाग गए। शव बोरे में बंद था और उसका एक हाथ और एक पांव बाहर निकला हुआ था। बच्चे की उम्र करीब नौ से 10 साल थी।
विज्ञापन
पुलिस को आशंका थी कि यह शव 25 फरवरी को सिकंदराराऊ से लापता 9 वर्षीय प्रशांत पुत्र शंकरपाल निवासी गांव बरामई ईदगाह रोड का हो सकता है। पुलिस ने प्रशांत के माता-पिता को कोतवाली हाथरस जंक्शन बुलवा लिया। देर रात माता-पिता ने शव की पहचान प्रशांत के रूप में कर ली। शव की शिनाख्त बच्चे के नेकर और हाथ में पहने पीतल के कड़े से की गई। प्रशांत अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। दो उससे बड़ी और दो उससे छोटी बहनें हैं, जिसमें से एक बहन की कुछ दिन बाद ही शादी होने वाली है।
विज्ञापन
पिता शंकरपाल का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। पता नहीं किसने उनके परिवार के इकलौते चिराग को उनसे छीना है। शंकरपाल ने बताया कि उनका बेटा 25 फरवरी को घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। तभी कुछ नकाबपोश लोग वहां आए और उससे कहा कि उसके माता-पिता बुला रहे हैं। इसके बाद प्रशांत का कुछ पता नहीं चला। उन्होंने इस मामले में कोतवाली सिकंदराराऊ में अपहरण के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कराया। सिकंदराराऊ पुलिस ने आसपास के थानों में भी इस बच्चे के लापता होने की जानकारी भिजवा दी थी। बच्चे के लापता होने के पोस्टर भी लगवाए गए थे।
--------
माता-पिता की बातों से तो ऐसा लगता है कि 25 फरवरी को बच्चे को ले जाने वाले लोग उसके नजदीकी ही रहे होंगे। जब ही वह इतनी आसानी से उनके साथ चला गया। मामले की छानबीन चल रही है। चूंकि मुकदमा सिकंदराराऊ कोतवाली में दर्ज है, इसलिए इस मामले को वहीं रेफर किया जाएगा।
-जगदीशचंद्र, कोतवाल हाथरस जंक्शन