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बलात्कार-हत्या के आरोपी को उमकैद
ब्यूूूराे अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:45 PM IST
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुरेंद्र मोहन सहाय ने नाबालिग को बहला फुसला कर ले जाने एवं बलात्कार कर हत्या करने के एक आरोपी को दोष सिद्ध माना है। न्यायालय ने उक्त आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी धाराओं में न्यायालय ने 22 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। घटना में चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।
सदर कोतवाली में 14 दिसंबर 2003 को मृतक बच्ची की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, इसमें इसमें आरोप लगाया कि उसकी 12 वर्षीय पुत्री को 12 दिसंबर 2003 को शाम पांच बजे घर से अमर सिंह, ताराचंद निवासी अहियापुर, भगवान सिंह, वीरेंद्र निवासी कैमार, सतीश निवासी सीएल अशोका टाकीज उसके घर से बहला फुसला कर ले गए। पुलिस ने इस मामले में अभियुक्त वीरेंद्र को बस स्टेंड से गिरफ्तार किया। इसने बलात्कार करने के बाद बच्ची की दुपट्टे से गला घोटकर हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर ही पुलिस ने गांव तरफरा की ओर से जाने वाले रास्ते पर सीवेज फॉर्म हाथरस तिराहा से पहले गोभी के खेत में नीम के पेड़ के नीचे अपहर्ता का शव बरामद किया।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद भगवान सिंह, सतीश, अमर सिंह व ताराचंद को दोष मुक्त मनाते हुए धारा 437ए के प्रावधान के अंतर्गत दो-दो जमानते 25-25 हजार के दाखिल करने निर्देश दिए। वहीं, दोष सिद्ध आरोपी वीरेंद्र को धारा 363 में पांच वर्ष की कैद दो हजार अर्थदंड, धारा 366 के तहत 7 वर्ष का कारावास एवं पांच हजार का अर्थदंड, धारा 302 में उम्रकैद एवं 10 हजार अर्थदंड, धारा 201 में पांच वर्ष की कैद व पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 376 व 2/3 गैंगेस्टर एक्ट में दोषमुक्त किया गया। जेल में बिताई गई अवधि की सजा भी इस सजा में शामिल करने का निर्णय दिया।
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सदर कोतवाली में 14 दिसंबर 2003 को मृतक बच्ची की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, इसमें इसमें आरोप लगाया कि उसकी 12 वर्षीय पुत्री को 12 दिसंबर 2003 को शाम पांच बजे घर से अमर सिंह, ताराचंद निवासी अहियापुर, भगवान सिंह, वीरेंद्र निवासी कैमार, सतीश निवासी सीएल अशोका टाकीज उसके घर से बहला फुसला कर ले गए। पुलिस ने इस मामले में अभियुक्त वीरेंद्र को बस स्टेंड से गिरफ्तार किया। इसने बलात्कार करने के बाद बच्ची की दुपट्टे से गला घोटकर हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर ही पुलिस ने गांव तरफरा की ओर से जाने वाले रास्ते पर सीवेज फॉर्म हाथरस तिराहा से पहले गोभी के खेत में नीम के पेड़ के नीचे अपहर्ता का शव बरामद किया।
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न्यायालय ने सुनवाई के बाद भगवान सिंह, सतीश, अमर सिंह व ताराचंद को दोष मुक्त मनाते हुए धारा 437ए के प्रावधान के अंतर्गत दो-दो जमानते 25-25 हजार के दाखिल करने निर्देश दिए। वहीं, दोष सिद्ध आरोपी वीरेंद्र को धारा 363 में पांच वर्ष की कैद दो हजार अर्थदंड, धारा 366 के तहत 7 वर्ष का कारावास एवं पांच हजार का अर्थदंड, धारा 302 में उम्रकैद एवं 10 हजार अर्थदंड, धारा 201 में पांच वर्ष की कैद व पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 376 व 2/3 गैंगेस्टर एक्ट में दोषमुक्त किया गया। जेल में बिताई गई अवधि की सजा भी इस सजा में शामिल करने का निर्णय दिया।
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