{"_id":"5c266842bdec2256a47cc2ae","slug":"91546020930-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगला सलेम में संदिग्ध हालत हुई मौत के बाद उसकी हत्या के संदेह होने कोतवाली पहुंचे ग्रामीण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नगला सलेम में संदिग्ध हालत हुई मौत के बाद उसकी हत्या के संदेह होने कोतवाली पहुंचे ग्रामीण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)।
क्षेत्र के गांव नगला सलेम में 22 दिसंबर को संदिग्ध हालात में हुुई किशोर की मौत के सात दिन बाद ग्रामीण एवं उसके परिजन सैकड़ों की संख्या में कोतवाली पहुंच गए। उनका कहना था कि किशोर ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को कमरे में पंखे से लटका दिया गया था।
गौरतलब है कि नगला सलेम में 23 दिसंबर की सुबह मेघ सिंह के 14 वर्षीय पुत्र गौरव का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला था। उसके गले में साड़ी का फंदा पड़ा हुआ था। सुबह टहलकर आने वालों ने जब कमरे में इस दृश्य को देखा तो इन लोगों ने गुजरात में काम कर रहे उसके पिता को इस घटना की सूचना दी। किशोर घर अकेला ही रहता था। उसकी मां की मौत पहले हो चुकी थी।
तीनों भाई भी बाहर रहते हैं। पिता के आने के बाद उसके द्वारा पुलिस को सूचना दी गई एवं मृतक के पिता के अनुरोध पर उसके शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम में किशोर की मौत का कारण उसका दम घुटना दर्शाया गया है। मृतक के पिता ने कोतवाली के सौंदर्यीकरण वाले दिन भी एसपी से मुलाकात कर उसके पुत्र की हत्या का पर्दाफाश करने की अपील थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीशचंद्र ने उनको पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का हवाला देकर उनको बमुश्किल से समझा-बुझाकर वापस गांव भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव नगला सलेम में 22 दिसंबर को संदिग्ध हालात में हुुई किशोर की मौत के सात दिन बाद ग्रामीण एवं उसके परिजन सैकड़ों की संख्या में कोतवाली पहुंच गए। उनका कहना था कि किशोर ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को कमरे में पंखे से लटका दिया गया था।
गौरतलब है कि नगला सलेम में 23 दिसंबर की सुबह मेघ सिंह के 14 वर्षीय पुत्र गौरव का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला था। उसके गले में साड़ी का फंदा पड़ा हुआ था। सुबह टहलकर आने वालों ने जब कमरे में इस दृश्य को देखा तो इन लोगों ने गुजरात में काम कर रहे उसके पिता को इस घटना की सूचना दी। किशोर घर अकेला ही रहता था। उसकी मां की मौत पहले हो चुकी थी।
विज्ञापन
तीनों भाई भी बाहर रहते हैं। पिता के आने के बाद उसके द्वारा पुलिस को सूचना दी गई एवं मृतक के पिता के अनुरोध पर उसके शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम में किशोर की मौत का कारण उसका दम घुटना दर्शाया गया है। मृतक के पिता ने कोतवाली के सौंदर्यीकरण वाले दिन भी एसपी से मुलाकात कर उसके पुत्र की हत्या का पर्दाफाश करने की अपील थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीशचंद्र ने उनको पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का हवाला देकर उनको बमुश्किल से समझा-बुझाकर वापस गांव भेज दिया।
विज्ञापन