{"_id":"5c533a91bdec2273934e10eb","slug":"21548958353-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकानदार को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले को सात साल कैद की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुकानदार को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले को सात साल कैद की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। शहर के एक चर्चित मामले में एडीजे एफटीसी प्रथम न्यायालय ने एक आरोपी को सात साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि दूसरे आरोपी को दोषमुक्त किया है। आरोप है कि एक दुकानदार को आरोपियों ने इतना परेशान किया और उकसाया कि उसने आत्महत्या कर ली। कोर्ट ने दोषी को अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीयूष अग्रवाल निवासी मोहल्ला लखपति की कमला बाजार हाथरस में जनरल स्टोर की दुकान थी। प्रॉपर्टी डीलर दाऊदयाल पुत्र मथुरा प्रसाद निवासी गली बख्तावर हाथरस पीयूष की किराएशुदा दुकान को जबरन खाली कराकर उसे हथियाना चाहता था और दुकान मालिक से उसने अंदरखाने इस दुकान का सौदा भी कर लिया था। इसके चलते वह पीयूष को तरह-तरह की धमकी देता था। इसके चलते एक अक्तूबर 2008 को शाम साढ़े सात बजे दाऊदयाल और उसका साथी मुकेश जैन निवासी गिर्राज कॉलोनी गली नंबर छह पीयूष के घर पर आए और उसे अपने साथ ले गए। उसके बाद पीयूष लौटकर नहीं आया।
उसके बाद अगले दिन दो अक्तूबर 2008 को उसकी लाश हाथरस सिटी स्टेशन पर मिली। उसकी व्यक्तिगत डायरी भी मिली। इसमें उसने दाऊदयाल और मुकेश द्वारा उसे डराने-धमकाने की बात भी कही थी। इस मामले में मृतक पीयूष की पत्नी रितु अग्रवाल का कहना था कि मुकेश और दाऊदयाल ने उसके पति की हत्या कर शव को प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया। उसने इस मामले की शिकायत जीआरपी से की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी हाथरस को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। तदुपरांत कोर्ट के आदेश पर दाऊदयाल व मुकेश जैन के खिलाफ धारा 306 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना अधिकारी ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुने। न्यायालय ने आरोपी दाऊदयाल को धारा भा.द.स. की 306 का दोषी करार देते हुए सात साल कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में वादिनी मुकदमा को प्रदान की जाएगी। दूसरे आरोपी मुकेश जैन को कोर्ट ने दोषमुक्त किया है।
विज्ञापन
हाथरस। शहर के एक चर्चित मामले में एडीजे एफटीसी प्रथम न्यायालय ने एक आरोपी को सात साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि दूसरे आरोपी को दोषमुक्त किया है। आरोप है कि एक दुकानदार को आरोपियों ने इतना परेशान किया और उकसाया कि उसने आत्महत्या कर ली। कोर्ट ने दोषी को अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीयूष अग्रवाल निवासी मोहल्ला लखपति की कमला बाजार हाथरस में जनरल स्टोर की दुकान थी। प्रॉपर्टी डीलर दाऊदयाल पुत्र मथुरा प्रसाद निवासी गली बख्तावर हाथरस पीयूष की किराएशुदा दुकान को जबरन खाली कराकर उसे हथियाना चाहता था और दुकान मालिक से उसने अंदरखाने इस दुकान का सौदा भी कर लिया था। इसके चलते वह पीयूष को तरह-तरह की धमकी देता था। इसके चलते एक अक्तूबर 2008 को शाम साढ़े सात बजे दाऊदयाल और उसका साथी मुकेश जैन निवासी गिर्राज कॉलोनी गली नंबर छह पीयूष के घर पर आए और उसे अपने साथ ले गए। उसके बाद पीयूष लौटकर नहीं आया।
विज्ञापन
उसके बाद अगले दिन दो अक्तूबर 2008 को उसकी लाश हाथरस सिटी स्टेशन पर मिली। उसकी व्यक्तिगत डायरी भी मिली। इसमें उसने दाऊदयाल और मुकेश द्वारा उसे डराने-धमकाने की बात भी कही थी। इस मामले में मृतक पीयूष की पत्नी रितु अग्रवाल का कहना था कि मुकेश और दाऊदयाल ने उसके पति की हत्या कर शव को प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया। उसने इस मामले की शिकायत जीआरपी से की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी हाथरस को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। तदुपरांत कोर्ट के आदेश पर दाऊदयाल व मुकेश जैन के खिलाफ धारा 306 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना अधिकारी ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुने। न्यायालय ने आरोपी दाऊदयाल को धारा भा.द.स. की 306 का दोषी करार देते हुए सात साल कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में वादिनी मुकदमा को प्रदान की जाएगी। दूसरे आरोपी मुकेश जैन को कोर्ट ने दोषमुक्त किया है।