{"_id":"9a79b2bd9c9a65c0a8fed5e6481a9b46","slug":"20-years-imprisement-in-kidnap-rape-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण और दुष्कर्म में 20 साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपहरण और दुष्कर्म में 20 साल की कैद
hathras
Updated Sun, 22 Nov 2015 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हाथरस। अपर जनपद सत्र न्यायाधीश प्रथम कौटिल्य गौड़ के न्यायालय ने अपहरण एवं बलात्कार के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे 20 वर्ष का कारावास एवं 30 हजार रुपये के अर्थदंड की की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्णय दिया है।
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के निवासी व्यक्ति ने पुलिस को 18 अगस्त,2014 को तहरीर दी, जिसमें आरोप था कि 17 अगस्त,2014 को समय रात्रि करीब 8 बजे वह उसकी पत्नी और उसका पुत्र घर के बारह बैठे हुए थे।
उसी समय उसके पुत्र का साला अनिल कुमार निवासी इटौली राया मथुुरा स्कॉर्पियों में अपने कुछ अन्य साथियों के साथ आया। इस दौरान उससे परिवार के लोगों की बातचीत हुई। रात्रि के करीब 2 बजे जब उसकी आंख खुली तब उसने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ है।
विज्ञापन
जब उसने अपनी पत्नी और बच्चों का जगाया तो उसकी नाबालिग पुत्री उम्र करीब 14 साल घर पर नहीं थी। जब उसके घर जाकर देखा तो उसके माता पिता भी गायब थे। उसकी पत्नी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं थी। इससे उसे विश्वास है कि उसकी पुत्री को यही अपहरण करके ले गया है। यह अन्य जघन्य बारदातों में शामिल रहा है, जिससे उसकी नाबालिग पुत्री के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है।
सत्र परीक्षण के लिए आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। आरोपी ने आरोपों से इंकार किया। इस मामले में वादी की ओर से एडीजी हरिओम शर्मा ने सबूत प्रस्तुत किए।
इसके बाद न्यायालय ने धारा 363आईपीसी में 7 वर्ष के कारावास और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 366,368 आईपीसी में 10 वर्ष के कारावास एवं 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई एवं धारा 376 आईपीसी एवं धारा 4 पोक्सो अधिनियम लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में 20-20 वर्ष के कारावास एवं 30-30 हजार रुपये की अलग-अलग सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होंगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के निवासी व्यक्ति ने पुलिस को 18 अगस्त,2014 को तहरीर दी, जिसमें आरोप था कि 17 अगस्त,2014 को समय रात्रि करीब 8 बजे वह उसकी पत्नी और उसका पुत्र घर के बारह बैठे हुए थे।
विज्ञापन
उसी समय उसके पुत्र का साला अनिल कुमार निवासी इटौली राया मथुुरा स्कॉर्पियों में अपने कुछ अन्य साथियों के साथ आया। इस दौरान उससे परिवार के लोगों की बातचीत हुई। रात्रि के करीब 2 बजे जब उसकी आंख खुली तब उसने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ है।
विज्ञापन
जब उसने अपनी पत्नी और बच्चों का जगाया तो उसकी नाबालिग पुत्री उम्र करीब 14 साल घर पर नहीं थी। जब उसके घर जाकर देखा तो उसके माता पिता भी गायब थे। उसकी पत्नी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं थी। इससे उसे विश्वास है कि उसकी पुत्री को यही अपहरण करके ले गया है। यह अन्य जघन्य बारदातों में शामिल रहा है, जिससे उसकी नाबालिग पुत्री के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है।
सत्र परीक्षण के लिए आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। आरोपी ने आरोपों से इंकार किया। इस मामले में वादी की ओर से एडीजी हरिओम शर्मा ने सबूत प्रस्तुत किए।
इसके बाद न्यायालय ने धारा 363आईपीसी में 7 वर्ष के कारावास और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 366,368 आईपीसी में 10 वर्ष के कारावास एवं 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई एवं धारा 376 आईपीसी एवं धारा 4 पोक्सो अधिनियम लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में 20-20 वर्ष के कारावास एवं 30-30 हजार रुपये की अलग-अलग सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होंगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।