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ताबड़तोड़ फायरिंग से सहम गए लोग
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
तुरसैन में एसओजी और भीमा पहलवान के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से लोग सहम गए। शातिर पर काबू पाने के लिए एसओजी की टीम ने करीब 50 गोलियां चलाईं। वहीं भीमा ने पुलिस टीम पर चार बम फेंक कर हमला किया।
मुखबिर की सूचना पर एसओजी टीम सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में सोमवार की दोपहर को हाथरस जंक्शन के गांव तुरसैन के पास नहर के किनारे खंडहर में पहुंची। यहां पर बाइक पर आया भीमा पहलवान रुका हुआ था। पुलिस को देखकर भीमा ने तमंचा से फायर करना शुरू कर दिया, लेकिन भीमा बम फेंकने में काफी माहिर है। उसने पुलिस टीम पर खुद को घिरता देख चार देशी बम फेंक दिए।
गनीमत रही कि इन बमों के हमले से पुलिस कर्मी बच गए। केवल दो पुलिस कर्मियों भूपेंद्र सिंह और सचिन धामा को छर्रे लगे हैं। यहां पर पुलिस और भीमा के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग सहम गए। कुछ देर के लिए तो लोग यह नहीं समझ पाए कि आखिर यह क्या हो रहा है। जब एसओजी टीम ने घेरा बंदी कर भीमा पहलवान पर काबू पा लिया, तब लोगों को जानकारी हुई कि पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो रही थी।
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तुरसैन में एसओजी और भीमा पहलवान के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से लोग सहम गए। शातिर पर काबू पाने के लिए एसओजी की टीम ने करीब 50 गोलियां चलाईं। वहीं भीमा ने पुलिस टीम पर चार बम फेंक कर हमला किया।
मुखबिर की सूचना पर एसओजी टीम सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में सोमवार की दोपहर को हाथरस जंक्शन के गांव तुरसैन के पास नहर के किनारे खंडहर में पहुंची। यहां पर बाइक पर आया भीमा पहलवान रुका हुआ था। पुलिस को देखकर भीमा ने तमंचा से फायर करना शुरू कर दिया, लेकिन भीमा बम फेंकने में काफी माहिर है। उसने पुलिस टीम पर खुद को घिरता देख चार देशी बम फेंक दिए।
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गनीमत रही कि इन बमों के हमले से पुलिस कर्मी बच गए। केवल दो पुलिस कर्मियों भूपेंद्र सिंह और सचिन धामा को छर्रे लगे हैं। यहां पर पुलिस और भीमा के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग सहम गए। कुछ देर के लिए तो लोग यह नहीं समझ पाए कि आखिर यह क्या हो रहा है। जब एसओजी टीम ने घेरा बंदी कर भीमा पहलवान पर काबू पा लिया, तब लोगों को जानकारी हुई कि पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो रही थी।
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