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कच्ची उम्र में नशे की गिरफ्त में आ गए तीन किशोर, पकड़े
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:57 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। नई पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रही है। गुरुवार की रात को जीआरपी ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो से गांजे का नशा करते तीन किशोरों को पकड़ लिया। इन किशोरों के कब्जे से गांजे की पुड़िया भी बरामद हुई है। शुक्रवार को इन किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। इनमें दो छात्र भी हैं, जोकि कक्षा छह और नौ में पढ़ते हैं।
जीआरपी के प्रभारी सोनू कुमार राजौरा, कांस्टेबल संजीव कुमार ओर सुदेश रात्रि साढ़े दस बजे प्लेटफॉर्म पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने प्लेटफॉर्म संख्या दो पर शहर के तीन किशोरों को पकड़ लिया। इनके हाथ में गांजा और सिगरेट लगी हुई थीं। जीआरपी ने इनके परिजनों को सूचना दे दी। शुक्रवार की दोपहर इन किशोर का बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया।
बताते हैं कि इन तीनों का एक मित्र पहले से ही गांजे की लत पाले हुए है और वह अपनी पढ़ाई छोड़कर नशे के कारोबार से जुड़ गया है। शुक्रवार की रात को यह तीनों मंदिर पर भंडारा में जाने की बात कह कर घर से निकले। अपने दोस्त से 60 रुपये की गांजे की पुड़िया लेकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर गांजा पीने लगे। इस दौरान किशोर को जीआरपी ने दबोच लिया।
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60 रुपये में छह बार होता नशा
किशोरों के अनुसार गांजे की पुडिय़ा साठ रुपये की अपने उस दोस्त से ली। जिसमें से छह सिगरेट को भरी जाती हैं। दो से तीन किशोर पूरे दिन में छह बार गांजे का नशा करते हैं। अब जीआरपी गांजा देने वाले छात्र की तलाश में जुटी है।
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स्कूल कालेजों के पास बिकती सामग्री
शहर के स्कूल कालेजों के पास गुटखा, सिगरेट आदि चीजों की खुले में आम बिक्री हो रही है। इससे कालेज प्रशासन से लेकर अफसरों तक बेसुध हैं। इस कारण देश के कर्णधार कहे जाने वाले किशोर नशे की लत के आधी होते जा रहे हैं।
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नशे के कारोबारियों पर पुलिस की नकेल नहीं
आज के समय में अधिकांश किशोर सिगरेट के छल्ले बना रहे हैं। दोस्ती की महफिल में सिगरेट गुटका आम हो गया है। घरवालों को जब तक पता चलता है तब तक किशोर नशे की दुनिया में कदम बढ़ा चुके होते हैं। धीरे धीरे किशोर नशे के आधी हो जाते हैं। आखिर पुलिस प्रशासन नशा कारोबारियों पर नकेल क्यों नहीं कस पा रहा है। यह भी सोचने को मजबूर करता है।
समिति ने सौंपा परिजनों को
जीआरपी ने बाल कल्याण समिति के समक्ष किशोर को प्रस्तुत किया तो समिति के पदाधिकारियों ने किशोरों को उनके परिजनों को सुपर्द कर दिया। काउंसलिंग के लिए अगली तिथि दी है।
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रात्रि में गश्त के दौरान तीन किशोर को प्लेटफार्म नम्बर दो पर गांजा पीते पकड़ा था। उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेेश किया गया। समिति ने परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। काउंसलिंग की अगली तिथि दी है। :
सोनू कुमार, थाना प्रभारी जीआरपी हाथरस सिटी।
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हाथरस। नई पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रही है। गुरुवार की रात को जीआरपी ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो से गांजे का नशा करते तीन किशोरों को पकड़ लिया। इन किशोरों के कब्जे से गांजे की पुड़िया भी बरामद हुई है। शुक्रवार को इन किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। इनमें दो छात्र भी हैं, जोकि कक्षा छह और नौ में पढ़ते हैं।
जीआरपी के प्रभारी सोनू कुमार राजौरा, कांस्टेबल संजीव कुमार ओर सुदेश रात्रि साढ़े दस बजे प्लेटफॉर्म पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने प्लेटफॉर्म संख्या दो पर शहर के तीन किशोरों को पकड़ लिया। इनके हाथ में गांजा और सिगरेट लगी हुई थीं। जीआरपी ने इनके परिजनों को सूचना दे दी। शुक्रवार की दोपहर इन किशोर का बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया।
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बताते हैं कि इन तीनों का एक मित्र पहले से ही गांजे की लत पाले हुए है और वह अपनी पढ़ाई छोड़कर नशे के कारोबार से जुड़ गया है। शुक्रवार की रात को यह तीनों मंदिर पर भंडारा में जाने की बात कह कर घर से निकले। अपने दोस्त से 60 रुपये की गांजे की पुड़िया लेकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर गांजा पीने लगे। इस दौरान किशोर को जीआरपी ने दबोच लिया।
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60 रुपये में छह बार होता नशा
किशोरों के अनुसार गांजे की पुडिय़ा साठ रुपये की अपने उस दोस्त से ली। जिसमें से छह सिगरेट को भरी जाती हैं। दो से तीन किशोर पूरे दिन में छह बार गांजे का नशा करते हैं। अब जीआरपी गांजा देने वाले छात्र की तलाश में जुटी है।
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स्कूल कालेजों के पास बिकती सामग्री
शहर के स्कूल कालेजों के पास गुटखा, सिगरेट आदि चीजों की खुले में आम बिक्री हो रही है। इससे कालेज प्रशासन से लेकर अफसरों तक बेसुध हैं। इस कारण देश के कर्णधार कहे जाने वाले किशोर नशे की लत के आधी होते जा रहे हैं।
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नशे के कारोबारियों पर पुलिस की नकेल नहीं
आज के समय में अधिकांश किशोर सिगरेट के छल्ले बना रहे हैं। दोस्ती की महफिल में सिगरेट गुटका आम हो गया है। घरवालों को जब तक पता चलता है तब तक किशोर नशे की दुनिया में कदम बढ़ा चुके होते हैं। धीरे धीरे किशोर नशे के आधी हो जाते हैं। आखिर पुलिस प्रशासन नशा कारोबारियों पर नकेल क्यों नहीं कस पा रहा है। यह भी सोचने को मजबूर करता है।
समिति ने सौंपा परिजनों को
जीआरपी ने बाल कल्याण समिति के समक्ष किशोर को प्रस्तुत किया तो समिति के पदाधिकारियों ने किशोरों को उनके परिजनों को सुपर्द कर दिया। काउंसलिंग के लिए अगली तिथि दी है।
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रात्रि में गश्त के दौरान तीन किशोर को प्लेटफार्म नम्बर दो पर गांजा पीते पकड़ा था। उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेेश किया गया। समिति ने परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। काउंसलिंग की अगली तिथि दी है। :
सोनू कुमार, थाना प्रभारी जीआरपी हाथरस सिटी।
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