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Hathras News: पटाखा दुकानदारों ने डीएम के सामने उठाईं समस्याएं
Sat, 26 Aug 2023 12:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:30 AM IST
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फायर वर्क्स डीलर एसोसिएशन की ओर से समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पटाख
- फोटो : samvad
जिले के आतिशबाजी विक्रेताओं ने शुक्रवार को फायर वर्क्स डीलर एसोसिएशन के बैनर तले जिलाधिकारी अर्चना वर्मा से मुलाकात की।विक्रेताओं ने दिवाली के मौके पर 30 दिन के मिलने वाले लाइसेंस को त्योहार से एक दिन पहले देने की व्यवस्था पर आपत्ति जताई। पांच साल के लिए बनने वाले लाइसेंस का हर साल नवीनीकरण कराए जाने को भी अनावश्यक बताया।
कारोबारियों ने बताया कि विस्फोटक अधिनियम 2008 के नियम 105 व 106 के अनुसार दिवाली पर शासन द्वारा 30 दिन की अवधि के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी करने का प्राविधान है, लेकिन प्रदेश के अधिकतर जिलों में यह लाइसेंस दीपावली के एक या दो दिन पूर्व या फिर दिवाली के दिन ही दिए जाते हैं, जबकि दुकानदार को कुछ दिन पहले ही माल की खरीदकर अपने पास स्टॉक रखना होता है।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के अनुसार डीएम को 600 केजी क्षमता की अनुमति प्रदान करने का अधिकार है, लेकिन अलग-अलग क्षमता का लाइसेंस दिया जाता है, जिससे व्यापारियों का शोषण होता है। अधिनियम के अनुसार लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि पांच वर्ष है एवं प्रदेश के गृह सचिव द्वारा पूर्व में ही इस बारे में निर्देशित किया जा चुका है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पटाखा बिक्री से संबंधित समस्याओं के निस्तारण की मांग डीएम से की।
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कारोबारियों ने बताया कि विस्फोटक अधिनियम 2008 के नियम 105 व 106 के अनुसार दिवाली पर शासन द्वारा 30 दिन की अवधि के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी करने का प्राविधान है, लेकिन प्रदेश के अधिकतर जिलों में यह लाइसेंस दीपावली के एक या दो दिन पूर्व या फिर दिवाली के दिन ही दिए जाते हैं, जबकि दुकानदार को कुछ दिन पहले ही माल की खरीदकर अपने पास स्टॉक रखना होता है।
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उन्होंने बताया कि अधिनियम के अनुसार डीएम को 600 केजी क्षमता की अनुमति प्रदान करने का अधिकार है, लेकिन अलग-अलग क्षमता का लाइसेंस दिया जाता है, जिससे व्यापारियों का शोषण होता है। अधिनियम के अनुसार लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि पांच वर्ष है एवं प्रदेश के गृह सचिव द्वारा पूर्व में ही इस बारे में निर्देशित किया जा चुका है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पटाखा बिक्री से संबंधित समस्याओं के निस्तारण की मांग डीएम से की।
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