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Hathras News: बमनई में गोशाला में चारा न मिलने दम तोड़ रहे गोवंश
Fri, 07 Apr 2023 01:44 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 07 Apr 2023 01:44 AM IST
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गांव बमनई में मुरसान सादाबाद मार्ग पर घूमते निराश्रित गोवंश।
- फोटो : संवाद
क्षेत्र के गांव बमनई में निराश्रित गोवंश से लोग परेशान हैं। निराश्रित गोवंश की वजह से सादाबाद मुरसान मार्ग पर आए दिन राहगीरों के साथ हादसे होते रहते हैं। पास में बनी गोशाला में ठीक ढंग से चारा भी नहीं दिया जा रहा है। वहां उनकी बेकदरी होती है। जिसके कारण आए दिन गोवंश दम तोड़ देते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गोवंशों को कई बार गांव के निकट ग्राम पंचायत गौजिया की माधव अस्थायी गोशाला में बंद कर कराया गया था। लेकिन कुछ समय बाद ही गोशाला से गोवंश को निकाल दिया जाता है। गोशाला के गेट पर लगे बोर्ड पर भी यह लिखा हुआ है कि ग्राम पंचायत गौजिया के ही गोवंशों को ही इस गोशाला में लिया जाएगा। हालांकि निराश्रित गोवंश फसलों को उजाड़ रहे हैं। गांव बमनई के प्रधान प्रतिनिधि बंगाली शर्मा का कहना है कि गांव में कोई स्थाई गोशाला नहीं है। करीब एक साल पहले सासनी के पास पराग डेयरी में गोवंशों को बंद कराया गया था। गौजिया ग्राम पंचायत की गोशाला में व्यवस्था ठीक नहीं है। इसके लिए कई बार अधिकारियों को समस्या के अवगत करा दिया गया है।
गांव बमनई में काफी समय से सड़कों पर निराश्रित गोवंश घूमते रहते हैं। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन अभी तक कुछ समाधान नहीं हुआ है। - बनवारी, ग्रामीण
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मैं दिन और रात खेत पर रहकर अपनी फसलों की रखवाली करने को मजबूर हूं। फसल से से हटते ही गोवंश खेत में घुस जाते हैं और काफी नुकसान कर चुके हैं। पास में बनी गोशाला में गोवंशों को चारा तक नहीं डाला जाता है। - करन, ग्रामीण
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सड़कों पर निराश्रित गोवंशों की वजह से हादसे हो रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी गोवंश को गोशाला में बंद नहीं किया गया है। गोशाला की हालत बहुत खराब है। गोशाल से गोवंशों को निकाल दिया जाता है। - सतीश, ग्रामीण
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ग्रामीणों का कहना है कि गोवंशों को कई बार गांव के निकट ग्राम पंचायत गौजिया की माधव अस्थायी गोशाला में बंद कर कराया गया था। लेकिन कुछ समय बाद ही गोशाला से गोवंश को निकाल दिया जाता है। गोशाला के गेट पर लगे बोर्ड पर भी यह लिखा हुआ है कि ग्राम पंचायत गौजिया के ही गोवंशों को ही इस गोशाला में लिया जाएगा। हालांकि निराश्रित गोवंश फसलों को उजाड़ रहे हैं। गांव बमनई के प्रधान प्रतिनिधि बंगाली शर्मा का कहना है कि गांव में कोई स्थाई गोशाला नहीं है। करीब एक साल पहले सासनी के पास पराग डेयरी में गोवंशों को बंद कराया गया था। गौजिया ग्राम पंचायत की गोशाला में व्यवस्था ठीक नहीं है। इसके लिए कई बार अधिकारियों को समस्या के अवगत करा दिया गया है।
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गांव बमनई में काफी समय से सड़कों पर निराश्रित गोवंश घूमते रहते हैं। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन अभी तक कुछ समाधान नहीं हुआ है। - बनवारी, ग्रामीण
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मैं दिन और रात खेत पर रहकर अपनी फसलों की रखवाली करने को मजबूर हूं। फसल से से हटते ही गोवंश खेत में घुस जाते हैं और काफी नुकसान कर चुके हैं। पास में बनी गोशाला में गोवंशों को चारा तक नहीं डाला जाता है। - करन, ग्रामीण
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सड़कों पर निराश्रित गोवंशों की वजह से हादसे हो रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी गोवंश को गोशाला में बंद नहीं किया गया है। गोशाला की हालत बहुत खराब है। गोशाल से गोवंशों को निकाल दिया जाता है। - सतीश, ग्रामीण