फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Counseling for de-addiction will now be held in the district hospital.

Hathras News: नशामुक्ति के लिए अब जिला अस्पताल में होगी काउंसिलिंग

Sun, 08 Mar 2026 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 08 Mar 2026 02:11 AM IST
विज्ञापन
Counseling for de-addiction will now be held in the district hospital.
बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद - फोटो : Samvad
नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में अब नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से उन्हें नई जिंदगी शुरू करने का मौका मिलेगा। जिला अस्पताल में अब नशा मुक्ति केंद्र पूरी तरह क्रियाशील हो गया है। यहां न केवल मरीजों का उपचार किया जाएगा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ काउंसिलिंग भी दी जाएगी।
विज्ञापन







समाज कल्याण विभाग व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल से जिला अस्पताल परिसर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति केंद्र तैयार किया गया था। स्टाफ के अभाव में अभी तक इसका संचालन नहीं हो पा रहा था। दो दिन पहले नशा मुक्ति केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती हो गई।
विज्ञापन




इनके साथ स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय व डाटा मैनेजर पद पर भर्ती की गई है। यह टीम नशे के शिकार व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेगी और उनकी लत की गंभीरता के अनुसार उपचार का चार्ट तैयार करेगी। विशेषकर युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन







जिले में नहीं कोई नशा मुक्ति केंद्र

जिले में अब तक नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था नहीं थी। लोगों को आगरा या अन्य बड़े शहर जाना पड़ता था। सीएमएस ने बताया कि वर्तमान में केंद्र को आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ शुरू किया गया है। जैसे-जैसे यहां पंजीकरण कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ेगी, विभाग यहां संसाधनों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करेगा। केंद्र का विस्तार करते हुए 15 बेड का वार्ड बनेगा, जिसमें चिकित्सक के अलावा मनोचिकित्सक, काउंसलर और अन्य स्टाफ द्वारा नशा पीड़ितों का इलाज किया जाएगा।











हमारा प्रयास है कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से वापस जोड़ा जाए। अनुभवी स्टाफ की तैनाती के साथ अब यहां मरीजों को बेहतर परामर्श और दवाएं उपलब्ध होंगी।

डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed