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महिला के शव के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद
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अंतिम संस्कार के दौरान हुए विवाद का निपटारा कराते एसडीएम सदर।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरसान।
गांव गदाई निवासी अनुसूचित जाति की एक महिला की मौत के बाद जब उसके परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान स्थल पर ले गए तो कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। जानकारी पाकर एसडीएम सदर प्रेमप्रकाश मीणा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया और वहीं शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव गदाई निवासी गीता (28 वर्ष) पत्नी तिलक सिंह की बीमारी के चलते बृहस्पतिवार रात मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाना था। जिसे लेकर परिजन काफी परेशान थे। तिलक सिंह के भाई पूरन सिंह ने बताया कि गांव गदाई में पिछले काफी वर्षों से दिवाकर समाज के लोग गांव की पोखर के निकट अपने परिजनों का अंतिम संस्कार किया करते थे। लेकिन इस समय पोखर में पानी ज्यादा होने के कारण वहां पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं थी।
जब गांव के श्मशान स्थल पर महिला के अंतिम संस्कार के लिए दूसरे समाज के लोगों से बात की तो उन लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया। यह बात जब प्रशासन को पता चली तो शुक्रवार की सुबह एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश मीणा मुरसान पुलिस व पीएसी के साथ गांव गदाई पहुंच गए। एसडीएम ने गांव के सभी वर्ग के लोगों को एकत्रित कर बातचीत की और बाद में श्मशान में महिला का अंतिम संस्कार करा दिया।
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एसडीएम सदर ने बताया कि गांव के वर्गों में मरघट एवं अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। दोनों सामाजिक वर्गों से बातचीत कर सभी को समझाया गया। सार्वजनिक भूमि एवं केंद्रों पर जाति, धर्म इत्यादि के आधार पर किसी तरह का आधिपत्य या भेदभाव नहीं किया जा सकता।
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गांव गदाई निवासी अनुसूचित जाति की एक महिला की मौत के बाद जब उसके परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान स्थल पर ले गए तो कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। जानकारी पाकर एसडीएम सदर प्रेमप्रकाश मीणा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया और वहीं शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव गदाई निवासी गीता (28 वर्ष) पत्नी तिलक सिंह की बीमारी के चलते बृहस्पतिवार रात मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाना था। जिसे लेकर परिजन काफी परेशान थे। तिलक सिंह के भाई पूरन सिंह ने बताया कि गांव गदाई में पिछले काफी वर्षों से दिवाकर समाज के लोग गांव की पोखर के निकट अपने परिजनों का अंतिम संस्कार किया करते थे। लेकिन इस समय पोखर में पानी ज्यादा होने के कारण वहां पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं थी।
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जब गांव के श्मशान स्थल पर महिला के अंतिम संस्कार के लिए दूसरे समाज के लोगों से बात की तो उन लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया। यह बात जब प्रशासन को पता चली तो शुक्रवार की सुबह एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश मीणा मुरसान पुलिस व पीएसी के साथ गांव गदाई पहुंच गए। एसडीएम ने गांव के सभी वर्ग के लोगों को एकत्रित कर बातचीत की और बाद में श्मशान में महिला का अंतिम संस्कार करा दिया।
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एसडीएम सदर ने बताया कि गांव के वर्गों में मरघट एवं अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। दोनों सामाजिक वर्गों से बातचीत कर सभी को समझाया गया। सार्वजनिक भूमि एवं केंद्रों पर जाति, धर्म इत्यादि के आधार पर किसी तरह का आधिपत्य या भेदभाव नहीं किया जा सकता।