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Hathras News: संविदा कर्मियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, की शिकायत
Mon, 21 Jul 2025 11:57 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 21 Jul 2025 11:57 PM IST
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रोडवेज के संविदा चालक-परिचालकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से अपने उत्पीड़न की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबी दूरी की बसों पर 48 घंटे की ड्यूटी करने पर चार दिन की उपस्थिति दर्ज होती थी, लेकिन अब सिर्फ तीन दिन की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
चालक-परिचालकों ने बताया कि वह आगरा-लखनऊ, आगरा-देहरादून, आगरा-ऋषिकेश, आगरा-सहारनपुर, आगरा-हल्द्वानी आदि मार्गों पर बसों को संचालित कर रहे हैं। यह बसें दो दिन में पूर्ण संचालन करके आती हैं। इस पर चार दिन की उपस्थिति (दो दिन ड्यूटी डेज व दो दिन का डीडीआर) होता है, लेकिन अब 5-6 दिन से सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक इन मार्गों की सेवाओं का लगभग 1100 किमी संचालन होने के बाद भी तीन दिन की उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
दो दिन की ड्यूटी के बाद सिर्फ एक दिन का डीडीआर दिया जा रहा है। एआरएम से इस संबंध में जब लिखित आदेश मांगा गया तो उन्होंने बताया कि आरएम के मौखिक आदेश पर यह कदम उठाया गया है, जिससे डिपो में खड़ी हो रहीं बसें संचालित हो सकें। चालक-परिचालकों का कहना है कि वह संविदा कर्मचारी हैं। किलोमीटर आधारित भुगतान पाते हैं। इस कारण वह खुद ही अधिक से अधिक किलोमीटर तक बसों का संचालन करके आते हैं। इसके बावजूद उन पर दवाब बनाया जा रहा है। चालक-परिचालकों ने डीएम से उन्हें उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से बचाने की गुहार लगाई है।
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महाकुंभ मेले में भी काट लिया दो दिन का भुगतान
शिकायत में कहा गया है कि महाकुंभ मेले के लिए निगम मुख्यालय से सभी डिपो की बसें प्रयागराज भेजी गई थीं। इसमें मुख्यालय से 300 रुपये प्रतिदिन चालक-परिचालक को भुगतान करने के लिए प्रपत्र जारी किया गया था, लेकिन डिपो के प्रत्येक चालक-परिचालक का दो दिन के कार्य का भुगतान काट दिया गया, जबकि अलीगढ़ क्षेत्र के अतिरिक्त पूरे प्रदेश के चालक-परिचालकों को कुल ड्यूटी दिवस का भुगतान कराया गया है। ज्ञापन देने वालों में धीरज कुमार, विकास सिंह, हरीओम, प्रदीप चौधरी, गिर्राज सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, संतोष कुमार, खुशील कुमार, सत्यवीर सिंह, जावेद आलम, बंटी पाराशर आदि अनेक चालक-परिचालक शामिल थे।
चालक-परिचालक पुरानी परिपाटी पर चल रहे हैं। अब ऊपर से आदेश हैं कि 350 किमी पर एक ड्यूटी मानी जाए। उसी हिसाब से डीडीआर दिया जा रहा है। निगम को लगातार बसें मिल रही हैं। उसी हिसाब से बदलाव कर काम कराया जा रहा है, लेकिन चालक-परिचालक बदलने के लिए तैयार नहीं हैं।
-सतेंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, अलीगढ़।
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चालक-परिचालकों ने बताया कि वह आगरा-लखनऊ, आगरा-देहरादून, आगरा-ऋषिकेश, आगरा-सहारनपुर, आगरा-हल्द्वानी आदि मार्गों पर बसों को संचालित कर रहे हैं। यह बसें दो दिन में पूर्ण संचालन करके आती हैं। इस पर चार दिन की उपस्थिति (दो दिन ड्यूटी डेज व दो दिन का डीडीआर) होता है, लेकिन अब 5-6 दिन से सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक इन मार्गों की सेवाओं का लगभग 1100 किमी संचालन होने के बाद भी तीन दिन की उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
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दो दिन की ड्यूटी के बाद सिर्फ एक दिन का डीडीआर दिया जा रहा है। एआरएम से इस संबंध में जब लिखित आदेश मांगा गया तो उन्होंने बताया कि आरएम के मौखिक आदेश पर यह कदम उठाया गया है, जिससे डिपो में खड़ी हो रहीं बसें संचालित हो सकें। चालक-परिचालकों का कहना है कि वह संविदा कर्मचारी हैं। किलोमीटर आधारित भुगतान पाते हैं। इस कारण वह खुद ही अधिक से अधिक किलोमीटर तक बसों का संचालन करके आते हैं। इसके बावजूद उन पर दवाब बनाया जा रहा है। चालक-परिचालकों ने डीएम से उन्हें उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से बचाने की गुहार लगाई है।
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महाकुंभ मेले में भी काट लिया दो दिन का भुगतान
शिकायत में कहा गया है कि महाकुंभ मेले के लिए निगम मुख्यालय से सभी डिपो की बसें प्रयागराज भेजी गई थीं। इसमें मुख्यालय से 300 रुपये प्रतिदिन चालक-परिचालक को भुगतान करने के लिए प्रपत्र जारी किया गया था, लेकिन डिपो के प्रत्येक चालक-परिचालक का दो दिन के कार्य का भुगतान काट दिया गया, जबकि अलीगढ़ क्षेत्र के अतिरिक्त पूरे प्रदेश के चालक-परिचालकों को कुल ड्यूटी दिवस का भुगतान कराया गया है। ज्ञापन देने वालों में धीरज कुमार, विकास सिंह, हरीओम, प्रदीप चौधरी, गिर्राज सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, संतोष कुमार, खुशील कुमार, सत्यवीर सिंह, जावेद आलम, बंटी पाराशर आदि अनेक चालक-परिचालक शामिल थे।
चालक-परिचालक पुरानी परिपाटी पर चल रहे हैं। अब ऊपर से आदेश हैं कि 350 किमी पर एक ड्यूटी मानी जाए। उसी हिसाब से डीडीआर दिया जा रहा है। निगम को लगातार बसें मिल रही हैं। उसी हिसाब से बदलाव कर काम कराया जा रहा है, लेकिन चालक-परिचालक बदलने के लिए तैयार नहीं हैं।
-सतेंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, अलीगढ़।