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जांच कमेटी पहुंची कॉलेज: वीडियो के साथ शिकायत मिली, फिर क्यों नहीं की प्रोफेसर पर कार्रवाई…?
Thu, 20 Mar 2025 12:54 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Thu, 20 Mar 2025 12:54 AM IST
सार
समिति सदस्यों ने कॉलेज के प्राचार्य महावीर सिंह छौकर, दो साल पहले हुई शिकायत की जांच करने वाली समिति के सदस्यों से पूछा कि शिकायत के साथ वीडियो भी भेजा गया था, फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, शिकायतकर्ता सामने नहीं आया, लेकिन वीडियो साक्ष्य था, उससे सारी स्थिति स्पष्ट हो रही थी, फिर क्यों उसे अनदेखा किया गया।
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बागला डिग्री कॉलेज में जांच करते अधिकारी
- फोटो : संवाद
विस्तार
छात्राओं के यौन शोषण मामले में गठित की गई चार सदस्यीय जांच समिति ने 19 मार्च को पीसी बागला डिग्री कॉलेज पहुंचकर जांच की। इस दौरान उन्होंने पूर्व में हुई शिकायत की जांच करने वाली समिति के सदस्यों से पूछा कि जब शिकायत के साथ वीडियो दिए गए थे तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई, क्यों शिकायत को खारिज किया गया।
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पूर्व में हुई शिकायत पर यौन शोषण के आरोपों पर भूगोल विभागाध्यक्ष एवं मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉक्टर रजनीश के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर कॉलेज प्रबंधन भी घिर रहा है। आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर नीरज शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति बनाई हुई है। इसमें एसडीएम के अलावा सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण, बीएसए स्वाती भारती और तहसीलदार सादाबाद अंजली सिंह को शामिल किया गया है। समिति के चारों सदस्य 19 मार्च सुबह 11.15 बजे पीसी बागला डिग्री कॉलेज पहुंचे और एक बजकर 20 मिनट जांच की।
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समिति सदस्यों ने कॉलेज के प्राचार्य महावीर सिंह छौकर, दो साल पहले हुई शिकायत की जांच करने वाली समिति के सदस्यों से पूछा कि शिकायत के साथ वीडियो भी भेजा गया था, फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, शिकायतकर्ता सामने नहीं आया, लेकिन वीडियो साक्ष्य था, उससे सारी स्थिति स्पष्ट हो रही थी, फिर क्यों उसे अनदेखा किया गया। समिति कॉलेज के छात्र-छात्राओं, अन्य प्रोफेसरों और स्टॉफ से भी जानकारी ली और उनके बयान दर्ज किए। इनमें से अधिकांश प्रकरण की जानकारी नहीं होने की बात कही है। हालांकि यह बात जांच समिति के सदस्यों के गले नहीं उतर रही है। एसडीएम नीरज शर्मा ने बताया कि जांच करने के लिए कॉलेज गए थे, कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। अभी जांच जारी है।
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लंबे समय से हो रहा था यौन शोषण, प्रोफेसर की करतूत प्रबंधन को कैसे पता नहीं चली
सूत्रों की माने तो जांच समिति के सदस्यों ने पूछताछ के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि विद्यालय परिसर में सालों से छात्राओं का यौन शोषण हो रहा था और विद्यालय के किसी भी प्रोफसर व प्राचार्य और प्रबंध तंत्र को इसकी जानकारी न हो। इस मामले में किसी को जो भी कुछ भी पता है, उसकी जानकारी दी जाए, जिससे जांच निष्पक्ष हो सके।