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बर्तनों की गाड़ी पकड़ने पर हंगामा, नोक-झोंक

Thu, 30 Jun 2016 11:40 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 30 Jun 2016 11:40 PM IST
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Commotion on boarding vessels , nozzle - blow
वाणिज्य कर सचल दल द्वारा बर्तनों की गाड़ी पकड़ने के बाद गुरुवार देर रात वाणिज्य कर कार्यालय में अधिकारियों से नोक-झोंक करते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हाथरस। कर चोरी की शिकायत पर बर्तनों से लदी गाड़ी पकड़ने पर आगरा रोड स्थित वाणिज्य कर दफ्तर में गुरुवार की रात को जमकर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में व्यापारी नेता, वकील और ट्रांसपोर्टर्स वहां पहुंच गए। इनकी वाणिज्य कर सचल दल के अधिकारियों से तीखी नोक-झोंक। व्यापारियों का कहना था कि अगल जांच में कोई अनियमितता मिली है तो गाड़ी को रोका जाए, वरना इसे तुरंत छोड़ा जाए। आखिरकार अधिकारियों को देर रात जांच के बाद गाड़ी छोड़नी पड़ी।
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दरअसल, वाणिज्य कर विभाग के सचल दल को शिकायत मिली थी कि आगरा रोड स्थित अनुरोध शर्मा की ट्रांसपोर्ट कंपनी से बर्तनों का माल लोड हो रहा है। करीब 7,900 किग्रा बर्तन लोड कराए जा रहे हैं। यह माल अमेठी जिले के जगदीशपुरा जाना था। सूचना पर सहायक आयुक्त सचल दल रमाशंकर पूरी टीम के साथ ट्रांसपोर्ट पर पहुंच गए और माल को कब्जे में ले लिया। सचल दल के अधिकारी इस गाड़ी को लेकर वाणिज्य कर विभाग के आगरा रोड स्थित दफ्तर पर पहुंच गए। अधिकारियों का कहना था कि मुख्यालय को मिली कर चोरी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर, व्यापारी और कर अधिवक्ता इकट्ठे होकर आगरा रोड स्थित वाणिज्य कर दफ्तर जा पहुंचे। 
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ट्रांसपोर्टर अनुरोध का कहना था कि पूर्वांचल का एक ट्रेडर्स हाथरस के बर्तन कारोबारियों और ट्रांसपोर्टर्स को बार-बार धमकी दे रहा है कि वह हाथरस के बर्तन कारोबार को नहीं चलने देगा। उसने ही यह झूठी शिकायत की है। व्यापारियों और अधिवक्ताओं का कहना था कि अगर माल की डिलीवरी और खरीद-बिक्री के संबंध में कोई कर संबंधी अनियमितता है तो इसकी तुरंत जांच कर ली जाए। अगर नहीं है तो गाड़ी को छोड़ा जाए। काफी देर तक अधिकारियों और व्यापारियों की तीखी नोक-झोंक होती रही। बाद में अधिकारियों ने गाड़ी का वजन कराया। बिल, बिल्टी व अन्य दस्तावेजों की जांच की। जांच में सब सही निकला तो गाड़ी को छोड़ दिया गया। सहायक आयुक्त रमाशंकर का कहना था कि शिकायत पर गाड़ी की जांच की गई थी। अब इसे छोड़ दिया गया है।
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