{"_id":"5d2e172d8ebc3e6c901c0174","slug":"clutches-closed-due-to-lunar-eclipse-hathras-news-ali208503810","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट हुए बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट हुए बंद
विज्ञापन
चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट हुए बंद
शाम को चार बजे जल्द शाम की आरती, आज होगी साफ सफाई पूजा अर्चना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मंगलवार को चंद्रग्रहण से पहले शाम को चार बजकर तीस मिनट पर मंदिरों के कपाट बंद हो गए। मंदिरों में भजन कीर्तन शुरू हो गया। चंद्रग्रहण रात्रि डेढ बजे शुरू होकर बुधवार साढ़े चार बजे तक रहा। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर होने वाली पूजा भी सूतकों से पहले ही पूरी की गई। यह चंद्रग्रहण तीन घंटे तक रहा।
उल्लेखनीय है कि चंद्रग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इसलिए शाम को चार बजकर 30 मिनट से पहले मंदिरों में पूजा अर्चना व आरती की गई। उसके बाद शहर के रामदरबार, बौहरे वाली देवी, चामुंडा मइया, चिंताहरण महादेव, दाऊजी मंदिर, कन्हैया जी मंदिरों के कपाट बंद हो गए।
उसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में बैठकर भजन कीर्तन किया। विद्वानों द्वारा बताए गए नियम के हिसाब से पूजा अर्चना की। बुधवार की सुबह मंदिरों में साफ सफाई के साथ फिर से पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाम को चार बजे जल्द शाम की आरती, आज होगी साफ सफाई पूजा अर्चना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मंगलवार को चंद्रग्रहण से पहले शाम को चार बजकर तीस मिनट पर मंदिरों के कपाट बंद हो गए। मंदिरों में भजन कीर्तन शुरू हो गया। चंद्रग्रहण रात्रि डेढ बजे शुरू होकर बुधवार साढ़े चार बजे तक रहा। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर होने वाली पूजा भी सूतकों से पहले ही पूरी की गई। यह चंद्रग्रहण तीन घंटे तक रहा।
उल्लेखनीय है कि चंद्रग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इसलिए शाम को चार बजकर 30 मिनट से पहले मंदिरों में पूजा अर्चना व आरती की गई। उसके बाद शहर के रामदरबार, बौहरे वाली देवी, चामुंडा मइया, चिंताहरण महादेव, दाऊजी मंदिर, कन्हैया जी मंदिरों के कपाट बंद हो गए।
विज्ञापन
उसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में बैठकर भजन कीर्तन किया। विद्वानों द्वारा बताए गए नियम के हिसाब से पूजा अर्चना की। बुधवार की सुबह मंदिरों में साफ सफाई के साथ फिर से पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू होगा।
विज्ञापन