फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Claims of Cleanliness Fall Flat: Waste Management Centers Themselves Turn into Waste

Hathras News: सफाई के दावों का निकला दम, कचरा प्रबंधन केंद्र खुद बने कचरा

Sat, 04 Apr 2026 02:18 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sat, 04 Apr 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
Claims of Cleanliness Fall Flat: Waste Management Centers Themselves Turn into Waste
ग्राम पंचायत तेहरा में खाली पड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र। संवाद - फोटो : Samvad
ग्रामीण क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन और पंचायतों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लाखों की लागत से तैयार किए गए कचरा प्रबंधन केंद्र (आरआरसी) खुद कचरा बन गए हैं। पंचायतराज विभाग जहां कागजों पर 294 केंद्रों के क्रियाशील होने का दावा कर रहा है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि मात्र चार-पांच को छोड़कर बाकी सभी केंद्र या तो बंद हैं या खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।
विज्ञापन




जिले की 462 ग्राम पंचायतों में कचरा निस्तारण के लिए कुल 445 केंद्रों के संचालन की योजना बनाई गई थी। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
विज्ञापन




इस हिसाब से जिले में करोड़ों रुपये की सरकारी राशि कचरा प्रबंधन के नाम पर खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद गांवों में सड़कों के किनारे और नालियों में कूड़े के अंबार लगे हैं। पंचायतराज विभाग के दावों और हकीकत के बीच का यह बड़ा अंतर जिले के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन






विभागीय आंकड़े बनाम जमीनी हकीकत
कुल स्वीकृत केंद्र : 445
विभाग का दावा (क्रियाशील) : 294
निर्माणाधीन केंद्र : 10
वास्तविक स्थिति : अधिकांश केंद्रों के तालों में जंग लग चुकी है और भवन झाड़ियों से घिर गए हैं।




न खाद बनी, न हुई आय

इन केंद्रों की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य घर-घर से सूखा कचरा इकट्ठा कर उसे अलग-अलग करना था। योजना थी कि गीले कचरे से वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) बनाई जाएगी, जबकि सूखे कचरे को रिसाइकल कर ग्राम पंचायतों के लिए आय का स्रोत बनाया जाएगा, लेकिन वर्तमान में यह लक्ष्य केवल फाइलों तक सीमित है।




केस-01

ग्राम पंचायत तेहरा में कचरा प्रबंधन केंद्र अंदर से पूरी तरह खाली पड़ा है। यहां कचरा अलग करने के लिए खाका तो खींचा गया, लेकिन आज तक इसमें कचरा नहीं पड़ा है। वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, लेकिन इसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर से ग्राम पंचायतों के रास्तों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।







केस-02

ग्राम पंचायत ककोड़ी में भी कचरा प्रबंधन केंद्र की हालत भी दयनीय है। यहां लाखों रुपये खर्च कर तैयार किए गए केंद्र पर आज तक कचरा पहुंचा ही नहीं है, जबकि ग्राम पंचायत में सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। केंद्र में कूड़े को पृथक करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन आज तक इसका प्रयोग नहीं किया गया है।





जो केंद्र क्रियाशील नहीं हैं, उनको क्रियाशील कराया जा रहा है। कुछ केंद्रों पर निर्माण कार्य चल रहा है।
-राकेश बाबू, जिला पंचायतराज अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed