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बाजार में चाइनीज अंडे, एफडीए सतर्क
अमर उजाला, हाथरस
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:24 PM IST
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अंडा
- फोटो : अमर उजाला
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अंडे खाने के शौकीन लोग अब सावधान हो जाएं। खतरनाक रसायन से बने चाइना के अंडे बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसके लिए जिलेभर में अंडा विक्रेताआें की जानकारी जुटाकर चिह्नित किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक चाइना के यह अंडे हूबहू मुर्गी के अंडे जैसे लगते हैं। इनको पहचानना मुश्किल है। वायरल हुए एक वीडियो को केंद्र ने गंभीरता से लिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त (प्रशासन) राम अरज मौर्य ने भी प्रदेश के सभी अभिहित अधिकारियाें को पत्र जारी कर चाइना से आयत किए गए व हानिकारक रसायनों के प्रयोग से निर्मित नकली अंडों के निर्माण, वितरण तथा व्यापार की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
जिला अभिहित अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि पत्र के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जिलेभर के मुख्य अंडा कारोबारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्य में खाद्य सुरक्षाधिकारियों को भी लगाया गया है। जानकारी एकत्र होने के बाद अभियान चलाकर अंडों के सैंपल लिए जाएंगे। जांच के लिए इन सैंपल को लखनऊ लैब भेजा जाएगा।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि केमिकल से बने चाइनीज अंडे खाने से मानव शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। इन अंडों को खाना स्वास्थ्यवर्द्धक नहीं है। इन अंडों के खाने से रिएक्शन हो सकता है। एलर्जी की समस्या हो सकती है। यही नहीं स्वाइन फ्लू और आंतों में जख्म जैसी बीमारियों से भी लोग ग्रस्त हो सकते हैं। पेट संबंधी कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
नकली अंडे का बाहरी स्तर थोड़ा खुदरा होता है, जबकि असली अंडा चिकना होता है। उबालने के बाद कवर तोड़ने पर प्राप्त होने वाला नकली अंडा असली की तुलना में कड़ा होता है। भीतर की पीली जर्दी रबर की गेंद की तरह हो जाती है। चाइनीज अंडे की पहचान करना आसान नहीं है। नकली अंडे असली अंडों की तरह बनावट में हूबहू हैं। इन्हें न तो देखकर पहचाना जा सकता है और न खाकर। इनकी पहचान बेहद मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर कहा जा रहा है कि इनकी पहचान एफडीए के सैंपलों की जांच के बाद आसानी से हो सकेगी।
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जानकारी के मुताबिक चाइना के यह अंडे हूबहू मुर्गी के अंडे जैसे लगते हैं। इनको पहचानना मुश्किल है। वायरल हुए एक वीडियो को केंद्र ने गंभीरता से लिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त (प्रशासन) राम अरज मौर्य ने भी प्रदेश के सभी अभिहित अधिकारियाें को पत्र जारी कर चाइना से आयत किए गए व हानिकारक रसायनों के प्रयोग से निर्मित नकली अंडों के निर्माण, वितरण तथा व्यापार की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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जिला अभिहित अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि पत्र के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जिलेभर के मुख्य अंडा कारोबारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्य में खाद्य सुरक्षाधिकारियों को भी लगाया गया है। जानकारी एकत्र होने के बाद अभियान चलाकर अंडों के सैंपल लिए जाएंगे। जांच के लिए इन सैंपल को लखनऊ लैब भेजा जाएगा।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि केमिकल से बने चाइनीज अंडे खाने से मानव शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। इन अंडों को खाना स्वास्थ्यवर्द्धक नहीं है। इन अंडों के खाने से रिएक्शन हो सकता है। एलर्जी की समस्या हो सकती है। यही नहीं स्वाइन फ्लू और आंतों में जख्म जैसी बीमारियों से भी लोग ग्रस्त हो सकते हैं। पेट संबंधी कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
नकली अंडे का बाहरी स्तर थोड़ा खुदरा होता है, जबकि असली अंडा चिकना होता है। उबालने के बाद कवर तोड़ने पर प्राप्त होने वाला नकली अंडा असली की तुलना में कड़ा होता है। भीतर की पीली जर्दी रबर की गेंद की तरह हो जाती है। चाइनीज अंडे की पहचान करना आसान नहीं है। नकली अंडे असली अंडों की तरह बनावट में हूबहू हैं। इन्हें न तो देखकर पहचाना जा सकता है और न खाकर। इनकी पहचान बेहद मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर कहा जा रहा है कि इनकी पहचान एफडीए के सैंपलों की जांच के बाद आसानी से हो सकेगी।