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Hathras News: बच्ची गुन्नू की बच सकती थी जान, पर सीएचसी पर नहीं मिले कुत्ता काटे के इंजेक्शन
Sun, 11 Jun 2023 05:56 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 11 Jun 2023 05:56 PM IST
सार
दो- तीन दिन लगातार एआरवी लगवाने सीएचसी पर गए लेकिन वहां एआरवी नहीं आने की कहकर टालते रहे। इस कारण बालिका को एआरवी नहीं लग सका। तीन दिन पहले ही बालिका के शरीर में कुत्ता काटने से उसके शरीर में रैबीज कीटाणुओं का असर आने लगा।
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गौरी उर्फ गुन्नू
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हाथरस में सहपऊ क्षेत्र के गांव खोंडा में लगभग तीन महीने पूर्व कुत्ता काटने के बाद शरीर में कुत्ते काटने के बाद शरीर में रैबीज कीटाणु फैलने से एक सात वर्षीय बालिका की मौत हो गयी। उसकी मौत की सूचना पर उसके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
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गांव खोंडा निवासी भानु प्रताप सिंह की सात वर्षीय पुत्री गौरी उर्फ गुन्नू को तीन माह पूर्व घर से निकलते ही दरवाजे पर कुत्ते ने काट लिया था। कुत्ता काटने पर परिजन उसे सीएचसी सहपऊ पर एआरवी लगवाने पहुँचे लेकिन वहां एआरवी नहीं होने के कारण वह वापस आ गए। मृतका के परिजनों का कहना है कि वह दो- तीन दिन लगातार एआरवी लगवाने सीएचसी पर गए लेकिन वहां एआरवी नहीं आने की कहकर टालते रहे। इस कारण बालिका को एआरवी नहीं लग सका ।
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तीन दिन पहले ही बालिका के शरीर में कुत्ता काटने से उसके शरीर में रैबीज कीटाणुओं का असर आने लगा। परिजन उसे आगरा के साथ कई अन्य स्थानों पर इलाज के लिए गए लेकिन सभी स्थानों पर उनको मना कर दिया। रविवार की की सुबह दस बजे बालिका की मौत हो गयी। उसकी मौत पर परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
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