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वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ा, एक और बच्चे की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मौसम के बदलाव के साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ गया है। जोकि बच्चों व वृद्धों को अपनी चपेट में ले रहा है। हाथरस जंक्शन के गांव पवलोई में एक बच्चे की मौत बुखार के कारण हो गई। उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले भी बुखार से दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
हाथरस जंक्शन के गांव पवलोई निवासी भूपेंद्र के चार साल के बेटे रामनरेश को वायरल फीवर हो गया। स्थानीय स्तर पर उसका इलाज भी चला, लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह बच्चे की तबियत अचानक से ज्यादा बिगड़ गई। इसे देख परिजन घबरा गए और फिर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी होने पर परिजन रोने-बिलखने लगे और फिर शव लेकर अपने गांव चले गए।
क्या है वायरल फीवर
अक्सर मौसम में बदलाव, खान-पान में गड़बड़ी या फिर शारीरिक कमजोरी से वायरल फीवर होता है। वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिससे वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाते हैं।
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वायरल फीवर के लक्षण
बुखार के साथ-साथ ज्यादा थकान और बदन दर्द का होना।
चक्कर आना, ठंड लगना, सर दर्द व मांसपेशियों में दर्द।
आंखों का लाल होना व जलन करना, नाक का बहना, गले में दर्द और जोड़ों का दर्द।
उलटी-दस्त और कभी-कभी शरीर पर चकते पड़ना।
रुक-रुक कर तीव्र गति से बुखार आना।
वायरल फीवर से बचाव
खांसते या छींकते समय रुमाल से अपने नाक और मुंह को अच्छे से ढक लें।
साफ-सफाई और हाथ को धोने का खास ध्यान रखें। खाना खाने से पहले और बाद में शौच आदि के बाद अपने हाथ अच्छे से धोएं।
भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
उबले हुए पानी का ही सेवन करें और बारिश में भीगने से बचें।
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मौसम के बदलाव के साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ गया है। जोकि बच्चों व वृद्धों को अपनी चपेट में ले रहा है। हाथरस जंक्शन के गांव पवलोई में एक बच्चे की मौत बुखार के कारण हो गई। उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले भी बुखार से दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
हाथरस जंक्शन के गांव पवलोई निवासी भूपेंद्र के चार साल के बेटे रामनरेश को वायरल फीवर हो गया। स्थानीय स्तर पर उसका इलाज भी चला, लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह बच्चे की तबियत अचानक से ज्यादा बिगड़ गई। इसे देख परिजन घबरा गए और फिर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी होने पर परिजन रोने-बिलखने लगे और फिर शव लेकर अपने गांव चले गए।
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क्या है वायरल फीवर
अक्सर मौसम में बदलाव, खान-पान में गड़बड़ी या फिर शारीरिक कमजोरी से वायरल फीवर होता है। वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिससे वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाते हैं।
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वायरल फीवर के लक्षण
बुखार के साथ-साथ ज्यादा थकान और बदन दर्द का होना।
चक्कर आना, ठंड लगना, सर दर्द व मांसपेशियों में दर्द।
आंखों का लाल होना व जलन करना, नाक का बहना, गले में दर्द और जोड़ों का दर्द।
उलटी-दस्त और कभी-कभी शरीर पर चकते पड़ना।
रुक-रुक कर तीव्र गति से बुखार आना।
वायरल फीवर से बचाव
खांसते या छींकते समय रुमाल से अपने नाक और मुंह को अच्छे से ढक लें।
साफ-सफाई और हाथ को धोने का खास ध्यान रखें। खाना खाने से पहले और बाद में शौच आदि के बाद अपने हाथ अच्छे से धोएं।
भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
उबले हुए पानी का ही सेवन करें और बारिश में भीगने से बचें।