भारत रत्न: सादाबाद को मिनी छपरौली कहते थे चौधरी चरण सिंह, नरसिंह राव हाथरस में भी रहे थे तीन दिन
हाथरस से भारत रत्न पाने वाले चौधरी चरण सिंह और पीवी नरसिंह राव का खास नाता है। पूर्व पीएम चरण सिंह हाथरस के सादाबाद को मिनी छपरौली बताते थे। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव हाथरस में आर्य समाज मुरसान गेट पर एलएन मिश्रा के आवास पर तीन दिन तक हाथरस में रुके थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा से सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में खुशी की लहर है। पूर्व पीएम सादाबाद को मिनी छपरौली बताते थे। लोग सरकार के इस निर्णय की खूब तारीफ कर रहे हैं।
सादाबाद हमेशा से जाट बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। पहले यह विधानसभा मथुरा जिले के अंतर्गत आती थी। चौधरी चरण सिंह 1972 में मानिकपुर में भारतीय क्रांति दल के प्रत्याशी रामप्रकाश यादव के प्रचार लिए आए थे। चुनाव में रामप्रकाश यादव की जीत हुई थी। 1984 में आगरा से राया जाते समय सादाबाद चौराहा पर लोगों से कहकर गए कि यह छोटी छपरौली है। राया से मथुरा में हो रही सभा को संबोधित करने चले गए। इस चुनाव में छाबी मिंया चुनाव जीते थे। कांग्रेस के प्रत्याशी की हार हुई थी। इसके बाद कभी भी कांग्रेस का प्रत्याशी इस सीट से जीत नहीं पाया। जब चौ. चरण सिंह ने भारतीय क्रांति दल के नाम से पार्टी बनाई, उस समय वह अपनी पार्टी के प्रसार के लिए 1972 में सहपऊ के गांव मानिकपुर आए थे। उनका कहना था कि जब जिले का डीएम अपनी कुर्सी से खड़ा होकर किसान से हाथ मिलाएगा तब मैं समझूंगा कि किसान का सम्मान हो रहा है।
चौ. चरण सिंह के नाम से जारी हुआ था डाक टिकट
सरकार के निर्णय पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष शैलेंद्र वार्ष्णेय सराफ ने भी हर्ष व्यक्त किया है। डाक टिकट संग्रहक के रूप में उन्होंने चौधरी चरण सिंह का भी डाक टिकट संग्रहीत किया है। वार्ष्णेय ने कहा कि सादा जीवन उच्च विचार अपनाने वाले चौधरी साहब ने सारा जीवन किसानों के हित में समर्पित कर दिया। एक प्रशासक के तौर पर वह बेहद सिद्धांतवादी और अनुशासन प्रिय माने जाते थे। वह कुशल लेखक के साथ कृषकों के शुभचिंतक थे। उनके सम्मान में 1990 में भारत सरकार ने एक रुपये कीमत का डाक टिकट चलाया है।
1982 में चौ. चरण सिंह ने सिकंदराराऊ में की थी सभा
पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह ने वर्ष 1982 में लोकदल प्रत्याशी सुरेश प्रताप गांधी के समर्थन में जनसभा की थी। हालांकि गांधी चुनाव हार गए थे, लेकिन पूर्व पीएम को भारत रत्न मिलने की घोषणा के बाद उनके अनुयायियों की जनसभा से जुड़ी पुरानी यादें फिर ताजा हो गई हैं। बता दें 1982 में विधानसभा चुनाव में लोकदल से चौधरी चरण सिंह ने सुरेश प्रताप गांधी को प्रत्याशी घोषित किया था। उस समय वीरबहाद़ुर सिंह मुख्यमंत्री थे। उन्होंने फिल्म निर्देेशक केपी सिंह की बहन पुष्पा चौहान को प्रत्याशी बनाया था। क्रीड़ास्थल में हुई बड़े चौधरी की सभा में भारी भीड़ उमड़ी थी।
पूर्व पीएम नरसिंह राव हाथरस में भी रहे थे तीन दिन
पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव हाथरस में आर्य समाज मुरसान गेट पर एलएन मिश्रा के आवास पर तीन दिन तक हाथरस में रुके थे। पूर्व पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि नरसिंह राव आर्य समाज को मानते थे। उनके निमंत्रण पर सन 1976 में आपातकाल के समय वह हाथरस में आर्य समाज मुरसान गेट के जलसे में आए थे। प्रतिदिन दो बार उनका प्रवचन होता था। उनके साथ क्रांतिकारी नारायण स्वामी एवं प्रकाश वीर शास्त्री, सांसद स्वामी रामेश्वरानंद सांसद भी आए थे। नरसिंह राव भी उस समय सांसद थे।
पक्ष-विपक्ष ने भारत रत्न देने का सराहा
भाजपा ने सदैव देश हित, समाज हित में कार्य करने वालों का सम्मान किया है। जिन तीन हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया है, इसे लेकर सरकार बधाई की पात्र है। -शरद माहेश्वरी, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
इन सबको भारत रत्न देने का हम स्वागत करते हैं, लेकिन प्रश्न यह है कि भारत रत्न चुनाव के समय ही क्यों। लगता है ये सरकार हर फैसले को चुनाव से जोड़कर लेती है। सरकार सम्मान देने में भी राजनैतिक फायदा देखती है। -देवेन्द्र कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी, हाथरस।
केंद्र सरकार द्वारा देश की जिन हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है बीएसपी उसका स्वागत करती है। लेकिन दलित हस्तियों का तिरस्कार करके भाजपा सरकार ने क्या रामराज्य की नई व्याख्या दी है यह कतई नहीं है। दलित व उपेक्षितों के मशीहा मान्यवर काशीराम का इनके हितों में किया गया संघर्ष कोई कम नहीं है। उन्हें भी भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। -बनीसिंह जाटव, जिलाध्यक्ष, बसपा।
देश की सरकार द्वारा आज भारत रत्न तीनों स्मृति शेष महान विभूतियों को देने की जो घोषणा की है, कांग्रेस पार्टी उसका स्वागत करती है।-चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
सन 1983 में जब विधायक की टिकट के लिए उनके आवास पर गया तो वहां भी उनका रहन-सहन देखकर चकित रह गया। फर्श पर जूट की मेट बिछी हुई थी। अन्य नेताओं के यहां मखमल की मेट हुआ करती थी। वह जाति से नहीं किसान को जानते थे। यही कारण है कि उन्होंने अपनी पुत्रियों को विवाह अन्य जातियों में किया। - आनंद शर्मा, एडवोकेट।
चौ. चरण सिंह के 1967 के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सरकारी कॉलेज जिनको सरकार धन आवंटित करती थी उनको अनुदान देना बंद कर दिया। चरण सिंह राष्ट्र और किसानों के लिए जिये थे। स्वर्ण मंदिर कांड में इंद्रागांधी का खुलकर समर्थन किया। 1975-1976 आपात स्थिति के खिलाफ मोरार जी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी सबको एक कर जनता पार्टी की स्थापना की गई थी। -वीरी सिंह चौधरी, पूर्व सचिव, उत्तर प्रदेश युवा लोकदल।
यह सम्मान देश के किसान, दलित, वंचित एवं शोषित वर्ग के लोगों को मिला है, जिनके उद्धार के लिए चौधरी साहब का संपूर्ण जीवन समर्पित रहा। यह सम्मान देश के लहलहाते खेत-खलिहानों को मिला है, जहां उनकी आत्मा बसती थी।- प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू।
किसानों के मसीहा चौ. चरण सिंह भारत रत्न के हकदार हैं। उन्होंने अपना जीवन गरीब, मजूदर, किसानों को समर्पित कर दिया था। उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए था। हमारी पार्टी काफी समय से पूर्व प्रधानमंत्री को भारत रत्न दिए जाने की मांग करती आ रही है। इससे उनके समर्थकों में उत्साह है।-चौधरी केशव सिंह, जिलाध्यक्ष, रालोद हाथरस।