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Hathras News: ग्लोरी गार्डन के कॉलोनाइजर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Sun, 11 Oct 2026 01:59 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 11 Oct 2026 01:59 AM IST
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Chargesheet filed against the colonizer of Glory Garden.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
मथुरा रोड स्थित ग्लोरी गार्डन के चर्चित मामले में पुलिस ने आरोपी कॉलोनाइजर खिलाफ दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगा दी है। कॉलोनाइजर पर सरकारी जमीन, पोखर और रास्ते पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी बसाने का आरोप है। इस मामले में नगर पालिका परिषद हाथरस की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस को भी कॉलोनी में अवैध कब्जे के साक्ष्य मिले हैं।
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मथुरा रोड स्थित ग्लोरी गार्डन कॉलोनी के कॉलोनाइजर मनोज यादव मैसर्स वसुंधरा एस्टेट्स में भागीदार हैं। कॉलोनी के प्रकरण में जिलाधिकारी से गोपनीय शिकायत की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी में संयुक्त नियोजक (संभागीय नियोजन खंड, आगरा), प्रभारी अधिकारी (द्वितीय कलेक्ट्रेट, हाथरस) और अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व, हाथरस) ने संयुक्त जांच की। स्थलीय निरीक्षण और राजस्व अभिलेखों की जांच में पाया कि ग्लोरी गार्डन कॉलोनी के निर्माण में बड़े पैमाने पर सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को घेरा गया है।
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नगर पालिका प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी नजूल निरीक्षक यशुराज शर्मा को निर्देश दिए, जिसके बाद 24 जुलाई को कोतवाली हाथरस गेट में मनोज यादव, मैसर्स वसुंधरा एस्टेट्स व उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच में भी मनोज यादव पर लगे आरोप सही पाए गए जिसके आधार पर चार्जशीट तैयार की गई। कोर्ट ने पुलिस की चार्जशीट स्वीकार की है। इस मामले में अभियुक्तों को नोटिस भेजा गया है।
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इन जमीनों का बदला गया स्वरूप

प्रशासनिक और फिर पुलिस की जांच में सामने आया कि गाटा संख्या 447 (रकबा 0.121 हेक्टेयर) भूमि अभिलेखों में नाली के रूप में दर्ज है। इसके अलावा गाटा संख्या 500 (रकबा 0.135 हेक्टेयर) नाली व रास्ते एवं गाटा संख्या 502 (रकबा 0.069 हेक्टेयर) पोखर में दर्ज है। इनके स्वरूप बदलकर उस पर पक्की पटरी और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी गईं। गाटा संख्या 503 (रकबा 0.055 हेक्टेयर) एवं 581 रास्तों के रूप में दर्ज भू-भाग है, जिसे कॉलोनी के विकास में उपयोग किया गया है।


बिना स्वीकृति बनाई गई बाउंड्रीवाल

जांच रिपोर्ट के अनुसार, उक्त सभी सरकारी जमीन को ग्लोरी गार्डन कॉलोनी की बाउंड्रीवाल के भीतर शामिल कर निजी उपयोग में ले लिया गया। इस आवासीय कॉलोनी के निर्माण के बावजूद सक्षम स्तर से आवश्यक वैधानिक विनियमन या अनुमोदन की प्रक्रिया भी पूर्ण नहीं कराई गई।



विवेचना में जो तथ्य पाए गए हैं, उस आधार पर चार्जशीट तैयार करके कोर्ट में प्रेषित कर दी गई है। -हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
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