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हर आंख हुई नम: जिसे गोद में सुलाया, वह सो गया हमेशा के लिए, स्वास्थ्यकर्मी के नाती का शव पहुंचते छाया मातम
Thu, 09 May 2024 08:15 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 09 May 2024 08:15 PM IST
सार
8 मई की सुबह प्रत्युष रोज की तरह साइकिल से स्कूल जा रहा था। ग्वालियर राजमार्ग पर बालू के ओवरलोड ट्रैक्टर ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी थी। जख्मी हालत में प्रत्युष गौतम को सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
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मृतक नाती प्रत्युष गौतम
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हाथरस जनपद में कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के गांव सलेमपुर में 8 मई की रात स्वास्थ्य कर्मी के 12 वर्षीय नाती का शव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। 9 मई की सुबह गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। बच्चे की मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी सुनील गौतम स्वास्थ्यकर्मी हैं। वह सीएमओ कार्यालय में कार्यरत हैं। सुनील का बेटा शैलेंद्र गौतम सेना में है और इन दिनों वह जैसलमेर में तैनात हैं। शैलेंद्र की पत्नी शिक्षिका हैं और बिहार में उनकी तैनाती है। शैलेंद्र का 12 वर्षीय इकलौता बेटा प्रत्युष गौतम आगरा के केंद्रीय विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र था। प्रत्युष आगरा में अपनी बुआ के घर पर रखकर पढ़ाई कर रहा था।
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8 मई की सुबह प्रत्युष रोज की तरह साइकिल से स्कूल जा रहा था। ग्वालियर राजमार्ग पर बालू के ओवरलोड ट्रैक्टर ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी थी। जख्मी हालत में प्रत्युष गौतम को सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था। पूरे दिन घर पर परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
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