विश्व परिवर्तन को समर्पित दादी का जीवन
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हाथरस। दुनिया के 140 देशों में व्याप्त प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका डॉ. दादी जानकी सौ वर्ष की होने पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आनंदपुरी केंद्र पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सेवा केंद्र की संचालिका बीके शांता ने कहा कि दादी नवीन आध्यात्मिक रत्नों से जनमानस को शृंगारित करने की सेवा पर तत्पर रहती हैं। दादी 20 वर्ष की आयु में ही संस्था के स्थापक ब्रह्मा बाबा के त्याग और तप को देखकर परमपिता परमात्मा शिव के चलाए जा रहे इस विश्व परिवर्तन के कार्य के लिए समर्पित हो गईं। वह यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, यूनिवर्सिटी और टैक्सॉस, कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को भी तब आश्चर्य में डाला, जब आपका मानसिक परीक्षण किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार जो ‘कॉन्सटेंट डेल्टा, मानसिक तरंगें’ जो गहन निद्रा में सोए हुए व्यक्ति से निकलती हैं, वही तरंगें गहन राजयोग के अभ्यास के दौरान दादी के मस्तिष्क से निकलती हैं।