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गोवंश के मूत्र को औषधि में प्रयोग को किया जाए संरक्षित : सीडीओ
Wed, 08 Feb 2023 11:33 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 08 Feb 2023 11:33 PM IST
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विकास भवन सभागार में मंगलवार को सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र ने गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि गो आश्रय स्थलों की गायों के मूत्र को संग्रहित किया जाए जिससे उसे औषधि के रूप में प्रयोग के लिए दिया जा सके।
सीडीओ ने कहा कि टैग लगे पशु आवारा घूमते हुए पाए जाते हैं तो संबंधित पशु मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने गोशालाओं के निरंतर निरक्षण किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम पंचायतों में मौजूद चारागाह की भूमि पर चारा उगाया जाए, जिससे कि गोवंशों को हरा चारा आसानी से मिल सके। गोंवश के मूत्र को संरक्षित किया जाएगा, जिससे कि गोवंश के मूत्र को औषधि के रुप में प्रयोग किया जा सके।
उन्होंने कहा कि गोवंशों के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाई जाए। प्रत्येक गोशाला पर केयर टेकर का नाम और उसका मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। जिन गोशालाओं में जहां तालाब बने हुए हैं, उन गोशालाओं में मछली पालन कराया जाए। जन सहभागिता योजना में अधिक से अधिक गोवंशों का वितरण किया जाए।
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सीडीओ ने कहा कि टैग लगे पशु आवारा घूमते हुए पाए जाते हैं तो संबंधित पशु मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने गोशालाओं के निरंतर निरक्षण किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम पंचायतों में मौजूद चारागाह की भूमि पर चारा उगाया जाए, जिससे कि गोवंशों को हरा चारा आसानी से मिल सके। गोंवश के मूत्र को संरक्षित किया जाएगा, जिससे कि गोवंश के मूत्र को औषधि के रुप में प्रयोग किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि गोवंशों के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाई जाए। प्रत्येक गोशाला पर केयर टेकर का नाम और उसका मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। जिन गोशालाओं में जहां तालाब बने हुए हैं, उन गोशालाओं में मछली पालन कराया जाए। जन सहभागिता योजना में अधिक से अधिक गोवंशों का वितरण किया जाए।
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