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सीबीआई ने गांव सीर में खंगाला रिटायर अधिकारी का घर
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सीर में सीबीआई की टीम ने एक मामले में पहुंचकर छानबीन और पूछताछ की। आरोपी के मकान को भी सीबीआई ने खंगाला। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सीर निवासी रमेशचंद मीणा दिल्ली स्थिति टेलीफोन निगम लिमिटेड में सीनियर ऑफिसर थे। वह कई साल पहले रिटायर हो चुके हैं। लंबे समय से वह अपने परिवार के साथ दिल्ली की विकासपुरी में रहते हैं। उन पर कूटरचित तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी व अन्य सुविधाएं लेने का आरोप है।
इसकी जांच सीबीआई की एंटी करप्शन टीम कर रही है। इसी के चलते करीब सप्ताह भर पहले सीबीआई की टीम गांव सीर में आई थी। वहां उसने रमेशचंद के बारे में जानकारी हासिल की। उनका आवास भी देखा। वह कभी-कभी ही गांव में आते हैं। उनकी पुश्तैनी जमीन भी यहीं है। उनका जन्म भी इसी गांव में हुआ है। उनके एक भाई व भतीजे जरूर गांव में रहते हैं।
रमेशचंद के बारे में उनके यहां रह रहे परिजनों से भी पूछताछ की। परिजनों की मानें तो फर्जी शिकायत के आधार पर सीबीआई यहां आई थी। उसके साथ इंडियन बैंक मथुरा के दो अधिकारी भी थे। रमेशचंद के घर की तलाशी भी ली थी। परिजनों का कहना है कि रमेशचंद लंबे समय से गांव नहीं आ रहे। सीबीआई की और किसी कार्रवाई के बारे में वह कुछ नहीं बता सकते।
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कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सीर में सीबीआई की टीम ने एक मामले में पहुंचकर छानबीन और पूछताछ की। आरोपी के मकान को भी सीबीआई ने खंगाला। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सीर निवासी रमेशचंद मीणा दिल्ली स्थिति टेलीफोन निगम लिमिटेड में सीनियर ऑफिसर थे। वह कई साल पहले रिटायर हो चुके हैं। लंबे समय से वह अपने परिवार के साथ दिल्ली की विकासपुरी में रहते हैं। उन पर कूटरचित तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी व अन्य सुविधाएं लेने का आरोप है।
इसकी जांच सीबीआई की एंटी करप्शन टीम कर रही है। इसी के चलते करीब सप्ताह भर पहले सीबीआई की टीम गांव सीर में आई थी। वहां उसने रमेशचंद के बारे में जानकारी हासिल की। उनका आवास भी देखा। वह कभी-कभी ही गांव में आते हैं। उनकी पुश्तैनी जमीन भी यहीं है। उनका जन्म भी इसी गांव में हुआ है। उनके एक भाई व भतीजे जरूर गांव में रहते हैं।
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रमेशचंद के बारे में उनके यहां रह रहे परिजनों से भी पूछताछ की। परिजनों की मानें तो फर्जी शिकायत के आधार पर सीबीआई यहां आई थी। उसके साथ इंडियन बैंक मथुरा के दो अधिकारी भी थे। रमेशचंद के घर की तलाशी भी ली थी। परिजनों का कहना है कि रमेशचंद लंबे समय से गांव नहीं आ रहे। सीबीआई की और किसी कार्रवाई के बारे में वह कुछ नहीं बता सकते।
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