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Hathras News: भूसे के लिए भटक रहे पशुपालक
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सादाबाद में राया रोड पर भूसा खरीदने के लिए लगी पशुपालकों की भीड़। संवाद
- फोटो : Samvad
बेमौसम हुई बारिश में भीगने से भूसे की जबरदस्त किल्लत हो गई है, जिससे उसके भाव बढ़ गए है। 40 किलो भूसा 420 रुपये में मिल रहा है। इस स्थिति ने पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बिसावर सहित आसपास के कई गांवों के पशुपालकों को सस्ता भूसा खरीदने के लिए सादाबाद और दाऊजी तक लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। वहां भी उन्हें राहत नहीं मिल रही। मंगलवार की सुबह सादाबाद में राया रोड मोड़ पर भूसा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
भूसा बेचने वाले धर्मकांटों व मंडियों पर सुबह-सुबह ही 420 रुपये प्रति मन (40 किलो ) के भाव तय कर देते हैं। जब पशुपालक दाम कम करने की बात करते हैं तो मात्र 5-10 रुपये की ही कमी की जाती है। इसके बाद ही सौदा तय होता है, लेकिन 410 रुपये में 40 किलो भूसा भी बहुत महंगा है।
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स्थानीय खरीदारों को यही भूसा करीब 350 रुपये प्रति मन के हिसाब से मिलता है। बिचौलियों की सक्रियता के कारण सस्ता भूसा नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि उन्हें उचित भाव में भूसा नहीं मिल रहा है। कई जगह भूसा गीला, रंग बदला हुआ और खराब है। इधर, भूसा विक्रेताओं का कहना है कि वे कम भाव पर बिक्री नहीं करेंगे।
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बिसावर सहित आसपास के कई गांवों के पशुपालकों को सस्ता भूसा खरीदने के लिए सादाबाद और दाऊजी तक लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। वहां भी उन्हें राहत नहीं मिल रही। मंगलवार की सुबह सादाबाद में राया रोड मोड़ पर भूसा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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भूसा बेचने वाले धर्मकांटों व मंडियों पर सुबह-सुबह ही 420 रुपये प्रति मन (40 किलो ) के भाव तय कर देते हैं। जब पशुपालक दाम कम करने की बात करते हैं तो मात्र 5-10 रुपये की ही कमी की जाती है। इसके बाद ही सौदा तय होता है, लेकिन 410 रुपये में 40 किलो भूसा भी बहुत महंगा है।
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स्थानीय खरीदारों को यही भूसा करीब 350 रुपये प्रति मन के हिसाब से मिलता है। बिचौलियों की सक्रियता के कारण सस्ता भूसा नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि उन्हें उचित भाव में भूसा नहीं मिल रहा है। कई जगह भूसा गीला, रंग बदला हुआ और खराब है। इधर, भूसा विक्रेताओं का कहना है कि वे कम भाव पर बिक्री नहीं करेंगे।