Dhanteras: धनतेरस पर चमका बाजार, 60 करोड़ से अधिक का कारोबार, 20 करोड़ की गिरावट का अनुमान
धनतरेस पर हाथरस में 60 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ। पिछली बार की अपेक्षा 20 करोड़ की गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है।
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हाथरस में धनतेरस के मौके पर 10 नवंबर को बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। सुबह से लेकर देर रात तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने धनतेरस के शगुन के लिए बर्तन और सोने-चांदी के उत्पादों के अलावा दिवाली पूजन के लिए मूर्तियां, कैलेंडर, खील, बतासे, खिलौने, झाड़ू, जूते, कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन के सामान की खरीदारी की। देर रात तक बाजार में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि कारोबारी पिछले साल के मुकाबले कारोबार में करीब 20 करोड़ रुपये की गिरावट आने का भी दावा कर रहे हैं।
इस साल कारोबारियों को बाजार काफी हल्का रहने की आशंका थी, लेकिन अंत समय सामने आए आंकड़ों ने बाजार को काफी बेहतर साबित किया है। हालांकि यह आंकड़े पिछले साल की अपेक्षा कुछ कम हैं। इस साल लगभग 20 करोड़ का कारोबार सराफा बाजार में हुआ, जबकि 16 करोड़ से अधिक का वाहन कारोबार दो पहिया व चार पहिया वाहनों की बिक्री से होने का अनुमान है। इसी तरह करीब 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार बर्तन बाजार, चार करोड़ का घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, तीन करोड़ का कारोबार मिठाई, एक करोड़ से ज्यादा का उपहार सामग्री, करीब चार करोड़ रुपये का कपड़ा बाजार में होने का अनुमान है।
बारिश के बाद भी नहीं थमी भीड़
धनतेरस के दिन सुबह से ही बारिश होने के कारण दुकानदारों चेहरों पर सिकन साफ देखी जा रही थी, लेकिन बाजार खुलने के साथ ही ग्राहकों की भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरे खिल गए। रात तक बाजारों में ग्राहकों का मेला लगा रहा।
बर्तन कारोबार में आई बड़ी गिरावट
इस साल स्थानीय बर्तन कारोबार काफी कम होता दिखाई दिया है। बर्तन की खरीदारी सिर्फ परंपरागत रूप से शगुन बतौर की गई। धनतेरस पर लोगों ने बर्तन की जगह अन्य प्रकार के घरेलू उत्पाद खरीदने पर ज्यादा जोर दिया।
ऑनलाइन बाजार भी रहा हावी
पिछले सालों की अपेक्षा इस साल दिवाली सीजन के हाजिर बाजार पर ऑनलाइन बाजार काफी हद तक हावी रहा। बाजारों में भीड़ दिखने के बाद भी ऑनलाइन बाजार के प्रचार-प्रसार ने कुल कारोबार का बड़ा हिस्सा अपने नाम किया। इसमें इलेक्ट्रोनिक्स, घरेलू उत्पाद और कपड़ा कारोबार की बड़ी हिस्सेदारी रही।
देसी मूर्तियों की रही ज्यादा मांग
धनतेरस के दिन दिवाली पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों बिक्री भी खूब हुई। जिले में फिर एक बार पूरी तरह से माटी के प्रयोग से मूर्तियां और दीपक तैयार किए गए हैं। खरीदारों के बीच भी देसी मूर्तियां काफी लोकप्रिय रहीं। इस साल बाजारों में 40 रुपये से 11 सौ रुपये तक के मिट्टी के लक्ष्मी गणेश आदि मूर्तियां उपलब्ध हैं। चाईनीज लक्ष्मी गणेश इस साल बाजार से पूृरी तरह गायब मिले।
खील, खिलौने, बताशे की हुई खरीदारी
जिले के बाजारों में शुक्रवार को खील, खिलौने और बताशे की खरीदारी भी की गई। दिवाली पर इन वस्तुओं से लक्ष्मी-गणेश का पूजन करने का शगुन है। इसके अलावा मिट्टी के दीपक, झाड़ू, रुई, सींक और पूजा-पाठ के अन्य सामान की भी खरीदारी हुई।
इस साल कारोबार काफी अच्छा हुआ है। हमारे 500 से अधिक वाहन इस साल बिक चुके हैं। अभी दिवाली के लिए भी वाहनों की बुकिंग जारी है।-गौरव सेकसरिया, ऑटोमोबाइल कारोबारी
सराफा कारोबार में इस साल काफी बूम है। हम लोग इस साल बाजार कुछ हल्का मान रहे थे, लेकिन अंत समय पर बाजार में अच्छा बूम आया है, लोगों की ओर से अच्छी खरीददारी की गई है।-मोहनलाल सराफ, सराफा कारोबारी
इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार पर हर साल ऑनलाइन कारोबार का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीद भी बढ़ रही है। हाजिर में भी खूब कारोबार हो रहा है। धनतेरस पर अच्छा कारोबार रहा है।-मोहित खंडेलवाल, घरेलू उत्पाद विक्रेता