{"_id":"69d962c9a6dfeda38d01cde2","slug":"bsf-personnel-accorded-final-farewell-with-military-honours-hathras-news-c-56-1-hts1004-147016-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: सैन्य सम्मान से बीएसएफ कर्मी को दी अंतिम विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: सैन्य सम्मान से बीएसएफ कर्मी को दी अंतिम विदाई
Sat, 11 Apr 2026 02:21 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
बीएसएफ कर्मी का पार्थिव शरीर पहुंचने पर सैन्य सम्मान देते अधिकारी। संवाद
- फोटो : Samvad
बीएसएफ कर्मी अजय कुमार (56) का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह गांव ओढ़पुरा पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। सैन्य सम्मान व भारत माता की जय के नारों के बीच उनको अंतिम विदाई दी। बेटे अमर ने उन्हें मुखाग्नि दी। अजय कुमार एक अप्रैल को ही छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गए थे।
ओढ़पुरा के रहने वाले अजय कुमार (56) बीएसएफ की 134वीं बटालियन में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। बुधवार को वह अपनी बटालियन के साथ आगामी चुनाव ड्यूटी के लिए पश्चिम बंगाल (कोलकाता) जा रहे थे। यात्रा के दौरान बुधवार देर रात झारखंड के हजारीबाग रेलवे स्टेशन के पास उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया।
साथी जवानों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। देर रात रांची से हवाई मार्ग से पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तथा वहां से सैन्य टुकड़ी शव को लेकर गांव पहुंची।
विज्ञापन
अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग उमड़ पड़े। बीएसएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य परंपराओं के अनुसार अजय के बेटे अमर को तिरंगा सौंपा गया। अजय कुमार ने अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा अमर गुरुग्राम में नौकरी करता है।
विज्ञापन
ओढ़पुरा के रहने वाले अजय कुमार (56) बीएसएफ की 134वीं बटालियन में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। बुधवार को वह अपनी बटालियन के साथ आगामी चुनाव ड्यूटी के लिए पश्चिम बंगाल (कोलकाता) जा रहे थे। यात्रा के दौरान बुधवार देर रात झारखंड के हजारीबाग रेलवे स्टेशन के पास उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया।
विज्ञापन
साथी जवानों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। देर रात रांची से हवाई मार्ग से पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तथा वहां से सैन्य टुकड़ी शव को लेकर गांव पहुंची।
विज्ञापन
अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग उमड़ पड़े। बीएसएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य परंपराओं के अनुसार अजय के बेटे अमर को तिरंगा सौंपा गया। अजय कुमार ने अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा अमर गुरुग्राम में नौकरी करता है।