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Hathras News: नातिन के फर्जी नामांकन पर फंसी शिक्षिका, बीएसए ने मांगा स्पष्टीकरण
Tue, 27 Aug 2024 04:51 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 27 Aug 2024 04:51 PM IST
सार
आरोप है कि नवोदय विद्यालय में फार्म भरने के लिए कक्षा तीन से कक्षा पांच तक एक ही विद्यालय में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है। फर्जी तरीके से शिक्षिका की नातिन का नामांकन संविलयन विद्यालय जाफराबाद में दर्शाकर कक्षा पांच उत्तीर्ण करने की अंक तालिका और स्थानांतरण प्रमाणपत्र अपने हस्ताक्षर से जारी किए।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय हाथरस
- फोटो : संवाद
विस्तार
हाथरस के परिषदीय विद्यालयों में फर्जी नामांकन का खेल नहीं रूक रहा है। अब हाथरस विकासखंड के संविलयन विद्यालय जाफराबाद की सहायक अध्यापिका पर नवोदय विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए अपनी ही नातिन का विद्यालय में फर्जी नामांकन करने का आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर बीएसए ने सहायक अध्यापिका और प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा हैं।
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संविलयन विद्यालय जाफराबाद के शिक्षामित्र संजीव कुमार ने जनसुनवाई पोर्टल पर इस मामले की शिकायत की थी। उन्होंने सहायक अध्यापिका सुरेश्वरी वर्मा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी नातिन गौरी वर्मा का 12 जुलाई को फर्जी नामांकन कक्षा चार में दर्शाया है, जबकि वह शहर के चामड़गेट स्थित देव विद्या मंदिर में पढ़ रही है।
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शिकायतकर्ता ने कहा है कि नवोदय विद्यालय में फार्म भरने के लिए कक्षा तीन से कक्षा पांच तक एक ही विद्यालय में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है। उन्होंने फर्जी तरीके से गौरी का नामांकन संविलयन विद्यालय जाफराबाद में दर्शाकर कक्षा पांच उत्तीर्ण करने की अंक तालिका और स्थानांतरण प्रमाणपत्र अपने हस्ताक्षर से जारी किए। बीएसए ने शिकायत पर नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच आख्या देने को कहा था।
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इस तरह से जांच में हुई पुष्टि
बीईओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शिकायतकर्ता और सहायक अध्यापिका ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने देव विद्या मंदिर निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय अभिलेखों का अवलोकन करने पर पता चला कि छात्रा गौरी वर्मा पुत्री का इस विद्यालय में नामांकन सात जुलाई 2017 हुआ और वह तब से लगातार पढ रही थी। गौरी वर्मा ने वर्ष 2023-24 में देव विद्या मंदिर से कक्षा पांच उत्तीर्ण की है। इससे साफ है कि छात्रा की फर्जी अंकतालिका व स्थानांतरण जारी किया गया। इसपर बीएसए स्वाति भारती ने आरोपी सहायक अध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापिका आशा वार्ष्णेय से सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।