Hathras Road Accident: खुशियों पर लगा ग्रहण, बहनों संग जन्मदिन नहीं मना सका भाई
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए शहजाद को भी देर शाम मृत घोषित कर दिया गया। इस खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। शहजाद घर का इकलौता चिराग था। चार बहनों का अकेला भाई था।
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बहनों के अकेले भाई का 23 फरवरी को जन्मदिन मनाया जाना था। घर में इसकी तैयारियां चल रही थीं। खुद दिल्ली में काम करने वाला भाई 21 फरवरी शाम घर आया और 22 फरवरी सुबह बहनों को लेने उनके छात्रावास पहुंच गया। मगर रास्ते में हुई दुर्घटना ने खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। इस सूचना पर परिवार में कोहराम मचा हुआ है। शाम को तमाम परिजन पोस्टमार्टम गृह पर पहुंच गए थे।
इगलास के कजरौठ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नरगिस, शहनाज और उनकी तीसरी बहन यासमीन कक्षा 7 में पढ़ती थीं। पड़ोसी गांव की पीहू कक्षा छह व शिवांगी कक्षा सात में पढ़ती थीं। नरगिस का भाई शहजाद दिल्ली में काम करता था। शहजाद का 23 फरवरी को जन्मदिन था। अपना जन्मदिन मनाने के लिए दिल्ली से 21 फरवरी की शाम को वह घर आया था।
22 फरवरी की सुबह अपनी तीनों बहनों को लेने के लिए छात्रावास पहुंचा। इधर, पीहू का भाई भी अपनी मोटरसाइकिल से अपनी दोनों बहनों को लेने के लिए शहजाद के साथ ही घर से निकला था। शहजाद की मोटर साइकिल पर नरगिस, शहनाज और पीहू बैठ गईं। इधर, यासमीन अपने भाई की बाइक पर न बैठकर शिवांगी के साथ उसके भाई की बैठकर आगरा के लिए निकल लिए।
परिजनों ने बताया कि शहजाद अपना जन्मदिन मनाने को लेकर बेहद खुश था, इसलिए अपनी तीनों बहनों को स्कूल से लेने के लिए आया था। परिवार में जन्मदिन मनाने की तैयारियां चल रही थीं मगर इस दुर्घटना से खुशियों को ग्रहण लग गया। परिजनों व बहनों द्वारा रखे गए उपहार भी धरे रह गए। उन्होंने बताया कि शहजाद के पिता कार चालक हैं।
बिना हेलमेट के थे चार बाइक सवार, कहीं नहीं रोके गए
इस दुर्घटना के लिए इगलास से लेकर सादाबाद तक की पुलिस भी कम लापरवाह नहीं है। हालात ये हैं कि इगलास से शहजाद अपनी दो बहनों व तीसरी सहेली को बाइक पर लेकर फर्राटा भरता जा रहा था। न उसके सिर पर हेलमेट था, न किसी अन्य के। इगलास से चलकर वह बाईपास के रास्ते चंदपा होता हुआ सादाबाद तक पहुंच गया मगर न तो किसी जगह उसे पुलिस ने रोका और न टोका। कहने को इगलास से चलने पर उसे एक थाना चंदपा तो हाईवे पर ही मिला। इसके अलावा कई चौराहों पर भी पुलिस मिली होगी। अगर चार लोगों को बाइक पर देखकर कहीं रोक लिया गया होता तो शायद यह हादसा न होता।
शहजाद की मौत से बुझा घर का इकलौता चिराग
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 24 वर्षीय शहजाद को भी देर शाम मृत घोषित कर दिया गया। इस खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। शहजाद घर का इकलौता चिराग था। चार बहनों का अकेला भाई था।
शव सीएचसी पर पहुंचे तो मची चीख-पुकार
सड़क हादसे में तीन छात्राओं की मौत के बाद जब उनके शव सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे तो वहां आए कुछ परिजनों में कोहराम मच गया। तीनों के शवों को देखकर चीख-पुकार मच गई। मृतकों के परिवार की दो महिलाएं चीख-चीखकर रोने लगीं। यह देखकर स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस घटना को लेकर लोगों ने काफी दुख जताया।