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हाथरस कोर्ट परिसर में भी फट चुके हैं बम, हो चुकी हैं कई बड़ी वारदातें

Thu, 13 Feb 2020 11:43 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 11:43 PM IST
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bomb blast happen also in hathras court
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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जिस तरह से लखनऊ की वजीरगंज कचहरी में बम विस्फोट हुआ है, उसी तरह की घटना हाथरस कचहरी परिसर में भी हो चुकी है। हाथरस कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में भी काफी झोल हैं और यहां कोर्ट परिसर में पुलिस मुठभेड़ से लेकर मर्डर तक हो चुके हैं। एक कैदी ने पुलिस अभिरक्षा में डीजे कोर्ट के सामने गवाह का गला तक रेत चुका है। हाथरस में हालांकि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी समय-समय तक कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर निरीक्षण कर निर्देश देते रहते हैं। यहां सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर भी लगाए जा चुके हैं लेकिन भौगोलिक कारणों के चलते यहां सुरक्षा व्यवस्था में हमेशा झोल बना रहता है।
हाथरस जिला न्यायालय को स्थापित हुए डेढ़ दशक हो चुका है, लेकिन अभी तक यह अपनी भूमि के भवन में स्थापित नहीं है। वर्षों से न्यायालय राजा दयाराम के किला परिसर में ही चल रहा है। ऐसे में यह चारों ओर से खुला हुआ है और कोर्ट की सुरक्षा के मानक तब पूरे हों, जब कोर्ट अपनी भूमि के भवन में स्थापित हो। कोई भी बिना चेकिंग के न्यायालय में पहुंच जाता है। हालांकि न्यायालय के गेट पर मेटल डिटेक्टर आदि लगा रखे हैं और पुलिस कर्मियों की भी तैनाती रहती है, लेकिन न्यायालय परिसर खुला रहने के कारण यहां कई बार बड़ी वारदातें हो गई हैं। वाहन भी धड़ल्ले से प्रवेश कर जाते हैं। रास्तों में तलाशी भी नहीं होती। यहां जून 2002 में एक अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह की दिन-दहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
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इसी न्यायालय परिसर में 25 फरवरी 2006 में बम विस्फोट भी हुआ था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 21 फरवरी 2009 को पेशी पर आए दो बदमाशों को पुलिसकर्मियों के सामने ही तीन लोगों ने गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था। तदुपरांत घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर तीन लोगों को भी पीट-पीट कर मार दिया था। 12 अगस्त 2009 को ही पुलिस की गिरफ्त में एक कैदी ने एक बच्चे सहित दो लोगों को चाकू मारकर घायल कर दिया था। उसने डीजे कोर्ट के सामने ही इस घटना को अंजाम दे दिया था। वर्ष 2009 में सीजेएम कोर्ट से 55 फाइलें भी चोरी हो गई थी। कैदी आपस में लड़ चुके हैं तो कई बार पुलिस की हिरासत से फरार भी हो चुके हैं। वैसे इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पुलिस कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता हैं।
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