Hathras News: पृथ्वीराज चौहान जयंती के लिए लगाया गया बोर्ड रात में गायब, युवाओं में दिखा आक्रोश
क्षत्रिय समाज के कुछ युवाओं ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती मनाने के लिए लोहे का बोर्ड बनवाया था। आरोप है कि किसी ने मंगलवार रात को बोर्ड को उखाड़कर गायब कर दिया।
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सहपऊ क्षेत्र की ग्राम पंचायत दौंहई के मजरा नगला महासुख में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा पर बज रहे गाने पर हुआ विवाद बवाल में बदल गया और दोनों वर्गों के बीच पथराव हो गया। इसमें करीब पांच लोग घायल हो गए। सूचना पर आसपास के थानों की पुलिस के साथ सीओ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
गांव नगला महासुख में सोमवार शाम से ही विवाद चला आ रहा था। कुछ युवाओं ने राजपूत सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती मनाने के लिए एक लोहे का बोर्ड बनवाया था, जिसका दूसरा वर्ग विरोध कर रहा था। रात में यह बोर्ड गायब हो गया था। इसके बाद विवाद बन गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों समाज के संभ्रात लोगों को बुलाकर बात की और समझौता करा दिया।
समझौते के बाद गांव में शांतिपूर्वक शोभायात्रा निकालने पर भी सहमति बन गई थी। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शोभायात्रा के दौरान डीजे बजाने पर फिर से दोनों वर्ग भिड़ गए। उस समय मौके पर पुलिस कम थी, इसकी सूचना मिलते ही आसपास के थानों की पुलिस भी गांव में बुला ली गई। तनाव के चलते गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
बवाल के बाद नगला महासुख में तनाव, पुलिस बल तैनात
सहपऊ में बवाल अचानक नहीं हुआ, सोमवार से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव चला आ रहा था। पुलिस की जानकारी में भी यह मामला था और इंस्पेक्टर ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों के संभ्रात नागरिकों से बात भी की। समझौते के बाद शोभायात्रा निकालने पर भी सहमति बन गई। इसके बाद भी पुलिस भी निश्चित हो गई। जिस समय बवाल हुआ, वहां पर्याप्त पुलिस बल नहीं था, आसपास के थानों का पुलिस बल बुलाना पड़ा। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है और अधिकांश पुरुष गांव में नहीं है।
सोमवार शाम को क्षत्रिय समाज के कुछ युवाओं ने राजपूज सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती मनाने के लिए एक बोर्ड बनवाया था, जिस पर गांव नगला महासुख चौहानों की नगरी में आपका हार्दिक स्वागत है लिखा था, इसी का बघेल समाज के युवा विरोध कर रहे थे। मंगलवार की सुबह यह बोर्ड गायब मिला, जिसपर युवाओं ने रोष जताया और तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों के लोग वहां एकत्र होने लगे। सूचना पर पुलिस हरकत में आई और माहौल बिगड़ने से पहले प्रभारी कोतवाली निरीक्षक श्माम सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों समाज के संभ्रांत लोगों को बुलाकर समझौता कराया। बोर्ड बनवाने और गांव शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा निकालने की बाद तय हुई थी।
मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे शोभायात्रा पर एक गाने को बार-बार बजाने और दूसरी बार गलियों से शोभायात्रा निकालने पर विवाद के बाद पथराव शुरू हो गया। मौके मौजूद पुलिस कर्मी कम थे और स्थिति को संभाल नहीं पाए। उन्होंने कोतवाली पर सूचना दी। इसके बाद सीओ सिकन्दराराऊ, कोतवाली सादाबाद ,चन्दपा एवं कोतवाली सिकन्दराराऊ के साथ भारी संख्या पुलिस बल के साथ मौके पहुंच गए। इससे पहले ही शरारती तत्व घटनास्थल से भाग गए। पुलिस दोनों पक्षों के कुछ व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है। एहतियातन तौर पर समाचार लिखे जाने तक गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।