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ITI: पीपीपी मॉडल से संचालित होगी बिसावर की आईटीआई, तकनीकी शिक्षा पाने वालों को मिलेगा लाभ
Tue, 09 Dec 2025 03:41 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 09 Dec 2025 03:41 PM IST
सार
आईटीआई के संचालन में देरी का सबसे ज्यादा असर क्षेत्र के उन युवाओं पर पड़ा है जो तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर नौकरी या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते थे। उन्हें बिसावर-सादाबाद क्षेत्र से बाहर हाथरस, आगरा या अन्य शहरों के निजी आईटीआई में प्रवेश लेना पड़ रहा था।
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बिसावर में नवनिर्मित आईटीआई का भवन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सादाबाद के बिसावर में बने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का संचालन शुरू होने का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। शासन ने संस्थान को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित करने का निर्णय लिया है, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बिसावर में राजकीय आईटीआई की मंजूरी पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल के प्रयासों से मिली थी। शासन से इसके लिए कुल करीब 12 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। वर्ष 2017 में उप्र राजकीय निर्माण निगम ने लगभग 16 बीघा भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। निर्धारित योजना के अनुसार भवन 2022 तक तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन बजट की कमी, प्रशासनिक विलंब और निर्माण एजेंसी से जुड़ी प्रक्रियाओं की सुस्ती के कारण काम लगातार लटकता रहा। 2025 में निर्माण पूरा हुआ।
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आईटीआई के संचालन में देरी का सबसे ज्यादा असर क्षेत्र के उन युवाओं पर पड़ा है जो तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर नौकरी या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते थे। उन्हें बिसावर-सादाबाद क्षेत्र से बाहर हाथरस, आगरा या अन्य शहरों के निजी आईटीआई में प्रवेश लेना पड़ रहा था। निजी संस्थानों की फीस अधिक होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने और कठिनाई खड़ी हो रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि संचालन शुरू होते ही क्षेत्र के युवाओं का समय और पैसा दोनों बचेगा।अब इसका संचालन सत्र 2026-27 से शुरू करने की तैयारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निजी भागीदार के चयन, औपचारिक समझौते, पाठ्यक्रम निर्धारण और प्रशिक्षकों की नियुक्ति जैसी प्रक्रियाएं जल्द शुरू होंगी।