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बैंकों के विलय के विरोध में बैंककर्मियों का प्रदर्शन
Thu, 07 Feb 2019 12:17 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Thu, 07 Feb 2019 12:17 AM IST
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अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैंककर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। केंद्र सरकार के बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक एवं विजया बैंक के विलय के निर्णय के विरुद्ध यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बैंकों के अधिकारी और कर्मचारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक एवं यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीएस जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2018 में बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक एवं विजया बैंक को एकीकृत करने और विलय करने की घोषणा की है, तभी से सरकार के इस अनुचित कदम का उनका संगठन निरंतर विरोध कर रहा है। सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध फोरम के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 26 दिसंबर 2018 को देश के 10 लाख अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
केंद्र सरकार लोकतांत्रिक प्रतिरोधों को अनदेखा कर रही है। हाल ही में केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा बिल को मंजूरी देने और योजना को अधिसूचित करने की घोषणा कर दी है, इसलिए संगठन ने फिर आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकों के सामने बड़ी समस्या खराब ऋणों की है, जिनकी वसूली के लिए केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए, परंतु सरकार ऐसा नहीं कर रही है। इस मौके पर आरएस पौरुष, डीसी गुप्ता, अजय कुमार, देवेंद्र कुमार, उमाशंकर जैन, अशोक कुमार शर्मा, इतवारी लाल, नन्नूमल, संजय जैन, सागरमणि, देवेंद्र कुमार, शैलेन्द्र तौमर, भानु प्रकाश, रवि राकेश, गया प्रसाद, के पी सिंह, महेशचंद्र, पुष्पांकर जैन, सुदेश एवं भूपेंद्र कुमार आदि थे।
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यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक एवं यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीएस जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2018 में बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक एवं विजया बैंक को एकीकृत करने और विलय करने की घोषणा की है, तभी से सरकार के इस अनुचित कदम का उनका संगठन निरंतर विरोध कर रहा है। सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध फोरम के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 26 दिसंबर 2018 को देश के 10 लाख अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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केंद्र सरकार लोकतांत्रिक प्रतिरोधों को अनदेखा कर रही है। हाल ही में केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा बिल को मंजूरी देने और योजना को अधिसूचित करने की घोषणा कर दी है, इसलिए संगठन ने फिर आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकों के सामने बड़ी समस्या खराब ऋणों की है, जिनकी वसूली के लिए केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए, परंतु सरकार ऐसा नहीं कर रही है। इस मौके पर आरएस पौरुष, डीसी गुप्ता, अजय कुमार, देवेंद्र कुमार, उमाशंकर जैन, अशोक कुमार शर्मा, इतवारी लाल, नन्नूमल, संजय जैन, सागरमणि, देवेंद्र कुमार, शैलेन्द्र तौमर, भानु प्रकाश, रवि राकेश, गया प्रसाद, के पी सिंह, महेशचंद्र, पुष्पांकर जैन, सुदेश एवं भूपेंद्र कुमार आदि थे।
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