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Hathras News: ऑटो डीलर पर 7.10 लाख रुपये का जुर्माना
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सेवा में गंभीर लापरवाही और कमी बरतने के एक मामले में ऑटोमोबाइल डीलर अशोक ऑटो सेल्स लिमिटेड पर भारी जुर्माना लगाया है। फोरम ने विपक्षी कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न और हर्जाने के रूप में कुल 7 लाख 10 हजार रुपये का भुगतान करें और अपने खर्च पर बस का पंजीकरण कराकर दें।
हाथरस के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनोज कुमार अग्निहोत्री ने स्कूल के लिए दो टाटा बसें बुक की थीं। टैक्स और रजिस्ट्रेशन सहित कुल 50,47,020 रुपये की पूरी रकम 11 अप्रैल 2025 तक डीलर को चुका दी गई थी।
पूर्ण भुगतान के बावजूद डीलर ने 34 दिनों तक बस का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। इस बीच 21 अप्रैल 2025 को यूपी सरकार ने टैक्स बढ़ा दिया। डीलर ने बढ़े हुए टैक्स के रूप में 1,06,444 रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए रजिस्ट्रेशन रोक दिया।
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मामले की सुनवाई और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद उपभोक्ता आयोग ने कहा कि जब पूरी रकम पहले ही जमा हो चुकी थी, तो देरी के लिए ग्राहक जिम्मेदार नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन वाहन सौंपना कानूनन गलत और सेवा में घोर लापरवाही है।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न और हर्जाने के रूप में 7 लाख 10 हजार रुपये का भुगतान करे और अपने खर्च पर वाहनों का पंजीकरण कराकर दें।
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हाथरस के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनोज कुमार अग्निहोत्री ने स्कूल के लिए दो टाटा बसें बुक की थीं। टैक्स और रजिस्ट्रेशन सहित कुल 50,47,020 रुपये की पूरी रकम 11 अप्रैल 2025 तक डीलर को चुका दी गई थी।
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पूर्ण भुगतान के बावजूद डीलर ने 34 दिनों तक बस का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। इस बीच 21 अप्रैल 2025 को यूपी सरकार ने टैक्स बढ़ा दिया। डीलर ने बढ़े हुए टैक्स के रूप में 1,06,444 रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए रजिस्ट्रेशन रोक दिया।
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मामले की सुनवाई और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद उपभोक्ता आयोग ने कहा कि जब पूरी रकम पहले ही जमा हो चुकी थी, तो देरी के लिए ग्राहक जिम्मेदार नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन वाहन सौंपना कानूनन गलत और सेवा में घोर लापरवाही है।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न और हर्जाने के रूप में 7 लाख 10 हजार रुपये का भुगतान करे और अपने खर्च पर वाहनों का पंजीकरण कराकर दें।