{"_id":"6096d1548ebc3edca21d1ae7","slug":"anger-erupted-over-pradhan-s-detention-police-s-van-cordon-hasayan-news-ali262705525","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधान को हिरासत में लेने पर फूटा गुस्सा, पुलिस की वैन घेरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधान को हिरासत में लेने पर फूटा गुस्सा, पुलिस की वैन घेरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
कोतवाली क्षेत्र की जरैरा पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव बरसामई में दो दिन पूर्व जमीन के विवाद और चुनावी रंजिश के चलते दो पक्षों में हुए विवाद की सूचना देने पहुंचे प्रधान को थाना पुलिस द्वारा कोतवाली में बिठा लिए जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने जरैरार पुलिस के एक वाहनर को कोतवाली से निकलते ही रोक लिया। यह लोग कोतवाली के बाहर पुलिस वैन को रोककर प्रदर्शन करने लगे। यह लोग नवनिर्वाचित प्रधान नीरज यादव को जेल भेजने का विरोध कर रहे थे।
ग्रामीणों ने पुलिस पर दूसरे पक्ष के लोगों से साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस दिन गांव बरसामई में झगड़े की शुरुआत हुई तो झगड़े की सूचना देने के लिए आए वर्तमान प्रधान को पुलिस ने कोतवाली में यह कहते हुए बिठा लिया था कि प्रधान को छोड़ दिया जाएगा मगर तत्कालीन थानाध्यक्ष मृदुल कुमार सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों से साठगांठ कर इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए आई तहरीर में नीरज का नाम लिखवाकर मुकदमा दर्ज कर लिया। ग्रामीणों ने कहा कि कोतवाली में तैनात हर पुलिस कर्मी व जरैरा चौकी प्रभारी सलामुद्दीन खां को भी नीरज के बेकसूर होने की जानकारी है तो फिर पुलिस प्रधान को न्यायालय क्यों भेज रही है।
इस दौरान ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। नवागत थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया। जब ग्रामीण पुलिस वैन के आगे से नहीं हटे तो पुलिस अपनी वैन में सवार वर्तमान प्रधान सहित वैन को वापस कोतवाली ले आई।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर सीओ सिकंदराराऊ और कोतवाली सिकंदराराऊ की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि प्रधान निर्दोष होंगे तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण कोतवाली से हटने के लिए राजी हुए। ग्रामीणों के हटने के बाद पुलिस ने वर्तमान प्रधान सहित चार लोगों को कार्रवाई कर न्यायालय भेज दिया।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र की जरैरा पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव बरसामई में दो दिन पूर्व जमीन के विवाद और चुनावी रंजिश के चलते दो पक्षों में हुए विवाद की सूचना देने पहुंचे प्रधान को थाना पुलिस द्वारा कोतवाली में बिठा लिए जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने जरैरार पुलिस के एक वाहनर को कोतवाली से निकलते ही रोक लिया। यह लोग कोतवाली के बाहर पुलिस वैन को रोककर प्रदर्शन करने लगे। यह लोग नवनिर्वाचित प्रधान नीरज यादव को जेल भेजने का विरोध कर रहे थे।
ग्रामीणों ने पुलिस पर दूसरे पक्ष के लोगों से साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस दिन गांव बरसामई में झगड़े की शुरुआत हुई तो झगड़े की सूचना देने के लिए आए वर्तमान प्रधान को पुलिस ने कोतवाली में यह कहते हुए बिठा लिया था कि प्रधान को छोड़ दिया जाएगा मगर तत्कालीन थानाध्यक्ष मृदुल कुमार सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों से साठगांठ कर इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए आई तहरीर में नीरज का नाम लिखवाकर मुकदमा दर्ज कर लिया। ग्रामीणों ने कहा कि कोतवाली में तैनात हर पुलिस कर्मी व जरैरा चौकी प्रभारी सलामुद्दीन खां को भी नीरज के बेकसूर होने की जानकारी है तो फिर पुलिस प्रधान को न्यायालय क्यों भेज रही है।
विज्ञापन
इस दौरान ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। नवागत थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया। जब ग्रामीण पुलिस वैन के आगे से नहीं हटे तो पुलिस अपनी वैन में सवार वर्तमान प्रधान सहित वैन को वापस कोतवाली ले आई।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर सीओ सिकंदराराऊ और कोतवाली सिकंदराराऊ की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि प्रधान निर्दोष होंगे तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण कोतवाली से हटने के लिए राजी हुए। ग्रामीणों के हटने के बाद पुलिस ने वर्तमान प्रधान सहित चार लोगों को कार्रवाई कर न्यायालय भेज दिया।