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बाजरा नहीं खरीदने की जांच हो : रामजीलाल सुमन
Fri, 26 Dec 2025 02:09 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 26 Dec 2025 02:09 AM IST
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राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने बृहस्पतिवार को सादाबाद मंडी समिति स्थित बाजरा क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां मौजूद किसानों ने बताया कि पंजीकरण कराने और टोकन मिलने के बावजूद उनका बाजरा नहीं खरीदा जा रहा है। सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। आक्रोश व्यक्त कर फोन पर संबंधित अधिकारियों से वार्ता की।
सांसद ने कहा कि बाजरा क्रय केंद्र पर किसानों का पंजीकरण कर टोकन दे दिया गया है, फिर भी 20 से अधिक ट्रैक्टर बाजरा लेकर मौके पर खड़े हैं। सरकार द्वारा बाजरा का समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति क्विंटल घोषित है, इसी दर से खरीद होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। भरतपुर तक का बाजरा यहां बिकने आ रहा है।
जब स्थानीय किसानों का बाजरा नहीं खरीदा जा सकता तो इंग्लैंड से ही बाजरा मंगा लिया जाए। सांसद ने कहा कि खरीद का लक्ष्य पूरा हो चुका था तो इसकी जानकारी किसानों को क्यों नहीं दी गई। टोकन देने के बाद न खरीदना धोखा है।
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किसानों को मजबूरन बाजार में औने-पौने दामों पर बाजरा बेचना पड़ रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर बिचौलिये और दलाल सक्रिय हैं। पहले उनका बाजरा तौला जाता है बाद में किसानों का। समर्थन मूल्य घोषित करना ही काफी नहीं है, यह भी देखा जाए कि इसका लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं।
इस दौरान क्रय केंद्र पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इस मौके पर शाहिद कुरैशी, जगदीश सागर, प्रवीन बघेल, मोनू जाटव, अवनीश सागर, ओमप्रकाश मकवाना, मोनू कुरैशी, जावेद कुरैशी व अन्य लोग मौजूद रहे।
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सांसद ने कहा कि बाजरा क्रय केंद्र पर किसानों का पंजीकरण कर टोकन दे दिया गया है, फिर भी 20 से अधिक ट्रैक्टर बाजरा लेकर मौके पर खड़े हैं। सरकार द्वारा बाजरा का समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति क्विंटल घोषित है, इसी दर से खरीद होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। भरतपुर तक का बाजरा यहां बिकने आ रहा है।
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जब स्थानीय किसानों का बाजरा नहीं खरीदा जा सकता तो इंग्लैंड से ही बाजरा मंगा लिया जाए। सांसद ने कहा कि खरीद का लक्ष्य पूरा हो चुका था तो इसकी जानकारी किसानों को क्यों नहीं दी गई। टोकन देने के बाद न खरीदना धोखा है।
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किसानों को मजबूरन बाजार में औने-पौने दामों पर बाजरा बेचना पड़ रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर बिचौलिये और दलाल सक्रिय हैं। पहले उनका बाजरा तौला जाता है बाद में किसानों का। समर्थन मूल्य घोषित करना ही काफी नहीं है, यह भी देखा जाए कि इसका लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं।
इस दौरान क्रय केंद्र पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इस मौके पर शाहिद कुरैशी, जगदीश सागर, प्रवीन बघेल, मोनू जाटव, अवनीश सागर, ओमप्रकाश मकवाना, मोनू कुरैशी, जावेद कुरैशी व अन्य लोग मौजूद रहे।