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अलीगढ़ में बसपा सुप्रीमो की रैली में नहीं पहुंचे रामवीर
Tue, 16 Apr 2019 12:28 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Tue, 16 Apr 2019 12:28 AM IST
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रामवीर उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। पूर्व ऊर्जा मंत्री और बसपा के अलीगढ़ मंडल से अकेले विधायक रामवीर उपाध्याय सोमवार को अलीगढ़ में बसपा सुप्रीमो मायावती की अलीगढ़ रैली में नहीं पहुंचे तो एक बार फिर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। पूरे दिन यही चर्चाएं रही कि रामवीर अब बसपा से दूरी बना रहे हैं और भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि जब इस सिलसिले में रामवीर उपाध्याय से फोन पर बात की गई तो उनका कहना था कि वह अपने स्वास्थ्य का चेकअप कराने के लिए बंगलूरू आए हुए हैं। रैली में नहीं जाने का यही कारण है। उन्होंने यही कहा कि वह बसपा में ही हैं और किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं हो रहे।
उल्लेखनीय है कि इस बार उपाध्याय परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा। बसपा ने रामवीर की पत्नी सीमा उपाध्याय को फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन सीमा ने तब वहां से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। उस समय यह चर्चा उड़ी थी कि सीमा या तो भाजपा में शामिल हो सकती हैं या फिर बसपा उन्हें अलीगढ़ से प्रत्याशी बना सकती है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बसपा ने फतेहपुर सीकरी से गुड्डू पंडित को प्रत्याशी बना दिया और अलीगढ़ से अपने प्रत्याशी अजीत बालियान को भी नहीं बदला। इस दौरान रामवीर उपाध्याय जब अलीगढ़ में ब्राह्मण समाज के एक कार्यक्रम में गए तो वहां उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम को जिताने की अपील की। इस पर बसपा के अलीगढ़ के पदाधिकारियोें ने अपनी एक रिपोर्ट पार्टी सुप्रीमो को भी भेज दी। यहां भी रामवीर उपाध्याय और उनके समर्थकों ने शुरू में तो गठबंधन प्रत्याशी रामजीलाल सुमन के समर्थन में कई सभाएं कीं, लेकिन उसके बाद वह सुमन की सभाओं में दिखाई नहीं दिए। वहीं आगरा के भाजपा प्रत्याशी व कबीना मंत्री एसपी सिंह बघेल से गले मिलते हुए भी उपाध्याय के कई फोटो वायरल हुए।
उपाध्याय ने उन्हें भी जीत की अग्रिम बधाई दे दी। ऐसे में पूरे में यह फिर जोरों पर रही कि उपाध्याय इस बार भाजपा का साथ दे रहे हैं। अब बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को अलीगढ़ में रैली की। यहां से भी काफी बसपाई अलीगढ़ गए, लेकिन उपाध्याय बसपा की इस रैली में शामिल नहीं हुए। ऐसे में पूरे दिन यही चर्चा रही कि उपाध्याय बसपा से अपनी दूरी बना रहे हैं और भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस सिलसिले में जब उपाध्याय ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि बंगलूरू में एक इंस्टीट्यूट में वह स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए आए थे। यहां उनका पहले से अप्वाइंटमेंट तय था। अलीगढ़ में इसी वजह से रैली में नहीं जा पाए। उन्होंने कहा कि वह बसपा में ही हैं। पार्टी छोड़ने की बात निराधार है।
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उल्लेखनीय है कि इस बार उपाध्याय परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा। बसपा ने रामवीर की पत्नी सीमा उपाध्याय को फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन सीमा ने तब वहां से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। उस समय यह चर्चा उड़ी थी कि सीमा या तो भाजपा में शामिल हो सकती हैं या फिर बसपा उन्हें अलीगढ़ से प्रत्याशी बना सकती है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बसपा ने फतेहपुर सीकरी से गुड्डू पंडित को प्रत्याशी बना दिया और अलीगढ़ से अपने प्रत्याशी अजीत बालियान को भी नहीं बदला। इस दौरान रामवीर उपाध्याय जब अलीगढ़ में ब्राह्मण समाज के एक कार्यक्रम में गए तो वहां उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम को जिताने की अपील की। इस पर बसपा के अलीगढ़ के पदाधिकारियोें ने अपनी एक रिपोर्ट पार्टी सुप्रीमो को भी भेज दी। यहां भी रामवीर उपाध्याय और उनके समर्थकों ने शुरू में तो गठबंधन प्रत्याशी रामजीलाल सुमन के समर्थन में कई सभाएं कीं, लेकिन उसके बाद वह सुमन की सभाओं में दिखाई नहीं दिए। वहीं आगरा के भाजपा प्रत्याशी व कबीना मंत्री एसपी सिंह बघेल से गले मिलते हुए भी उपाध्याय के कई फोटो वायरल हुए।
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उपाध्याय ने उन्हें भी जीत की अग्रिम बधाई दे दी। ऐसे में पूरे में यह फिर जोरों पर रही कि उपाध्याय इस बार भाजपा का साथ दे रहे हैं। अब बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को अलीगढ़ में रैली की। यहां से भी काफी बसपाई अलीगढ़ गए, लेकिन उपाध्याय बसपा की इस रैली में शामिल नहीं हुए। ऐसे में पूरे दिन यही चर्चा रही कि उपाध्याय बसपा से अपनी दूरी बना रहे हैं और भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस सिलसिले में जब उपाध्याय ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि बंगलूरू में एक इंस्टीट्यूट में वह स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए आए थे। यहां उनका पहले से अप्वाइंटमेंट तय था। अलीगढ़ में इसी वजह से रैली में नहीं जा पाए। उन्होंने कहा कि वह बसपा में ही हैं। पार्टी छोड़ने की बात निराधार है।
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