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अक्षय नवमी पर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
अमर उजाला, हाथरस
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:31 PM IST
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अक्षय तृतीया पर आंवले के वृक्ष की परिक्रमा लगाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय नवमी पर्व बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने परिवार की सुख शांति के लिए आंवले के वृक्ष और डालियों की 108 परिक्रमा लगाई। अक्षय नवमी पर्व के मौके पर आंवले के वृक्ष और डालियों का पूजन करने का विशेष महत्व होता है।
मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन यदि आंवले की पूजा करना और आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाना और खाना संभव नहीं हो तो इस दिन आंवला जरूर खाना चाहिए।
शहर में बैनीराम बाग में आंवला के कई वृक्ष लगे हुए हैं।
अक्षय नवमी के दिन यहां पर हर साल मेला लगता है। महिलाएं और युवतियां यहां पर आंवले के वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाती हैं। महिलाएं आंवला वृक्ष की मूंगफली, बतासे, मखाने, बादाम, टॉफी, बिस्कुट, रेबड़ी आदि सामानों से परिक्रमा लगा रही थीं।
बैनीराम बाग के अलावा शहर के चिंताहरण महादेव मंदिर, गोविंद भगवान मंदिर घंटाघर सहित अन्य मंदिरों में महिलाओं ने आंवले की डाली रखकर 108 परिक्रमा लर्गाइं। महिलाओं ने परिक्रमा के बाद सामूहिक रूप से माता लक्ष्मी की कहानी सुनाई।
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बैनीराम बाग में चाट-पकौड़ी की ढकेलों पर भीड़ लगी हुई थी। महिलाएं यहां पर घर से भी खाना बनाकर पहुंची थीं और पूजन के बाद सभी एक साथ बैठ कर भोजन किया।
हसायन। कस्बा क्षेत्र में बुधवार को अक्षय नवमी के मौके पर आंवला के वृक्ष की महिलाओं के द्वारा पूजा अर्चना कर अक्षय नवमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान महिलाओं के द्वारा उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना भी की।
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मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन यदि आंवले की पूजा करना और आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाना और खाना संभव नहीं हो तो इस दिन आंवला जरूर खाना चाहिए।
शहर में बैनीराम बाग में आंवला के कई वृक्ष लगे हुए हैं।
अक्षय नवमी के दिन यहां पर हर साल मेला लगता है। महिलाएं और युवतियां यहां पर आंवले के वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाती हैं। महिलाएं आंवला वृक्ष की मूंगफली, बतासे, मखाने, बादाम, टॉफी, बिस्कुट, रेबड़ी आदि सामानों से परिक्रमा लगा रही थीं।
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बैनीराम बाग के अलावा शहर के चिंताहरण महादेव मंदिर, गोविंद भगवान मंदिर घंटाघर सहित अन्य मंदिरों में महिलाओं ने आंवले की डाली रखकर 108 परिक्रमा लर्गाइं। महिलाओं ने परिक्रमा के बाद सामूहिक रूप से माता लक्ष्मी की कहानी सुनाई।
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बैनीराम बाग में चाट-पकौड़ी की ढकेलों पर भीड़ लगी हुई थी। महिलाएं यहां पर घर से भी खाना बनाकर पहुंची थीं और पूजन के बाद सभी एक साथ बैठ कर भोजन किया।
हसायन। कस्बा क्षेत्र में बुधवार को अक्षय नवमी के मौके पर आंवला के वृक्ष की महिलाओं के द्वारा पूजा अर्चना कर अक्षय नवमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान महिलाओं के द्वारा उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना भी की।