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Hathras: अभिलेख सत्यापन और डेटा फीडिंग में लापरवाही पर आठ सीडीपीओ का वेतन रोका, सेवा समाप्ति की दी चेतावनी
Tue, 05 May 2026 01:18 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Tue, 05 May 2026 01:18 PM IST
सार
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य सेविका के पद पर चयन के लिए दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ाए जाने और कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद कार्य की गति अत्यंत धीमी पाई गई।
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आंगनबाड़ी केंद्र
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हाथरस जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मुख्य सेविका पद पर चयन के लिए अभिलेखों के सत्यापन और डेटा फीडिंग में लापरवाही बरती जा रही है। इस लापरवाही पर जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र कुमार उपाध्याय ने जिले की आठ बाल विकास परियोजना अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य सेविका के पद पर चयन के लिए दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। जिले में कुल 1476 कार्यकर्ताओं का सत्यापन होना था, लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ाए जाने और कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद कार्य की गति अत्यंत धीमी पाई गई।
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इस आधार पर हसायन की ममता शर्मा, हाथरस शहर की ओमवती यादव, हाथरस ग्रामीण की सोनी कुमारी, मुरसान की स्तुति वर्मा, सादाबाद की सोनू आर्य, सासनी की स्मृति दुबे, सहपऊ की रेखा शर्मा और सिकंदराराऊ की कल्पना दुबे का वेतन रोका गया है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि चार मई को सभी परियोजनाओं को मिलाकर कुल लक्ष्य के सापेक्ष केवल 528 लाभार्थियों (मात्र 35.77 प्रतिशत) का ही डेटा अपलोड किया जा सका है। डीपीओ ने निर्देश दिया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।