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हाथरस : हादसे में घायल दो लोगों की मौत
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हाथरस : हादसे में युवक की मौत पर बिलखते परिजन। संवाद
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
सादाबाद-आगरा मार्ग स्थित बरौस टोल प्लाजा के पास शनिवार की देर रात हुए हादसे में क्षेत्र के गांव रामपुर निवासी 26 वर्षीय युवक मनीष एवं गांव नगला सेवा निवासी 38 वर्षीय राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गांव बुढ़ाइच निवासी पवन बुरी तरह घायल हो गया। उसका इलाज आगरा में चल रहा है। गांव रामपुर निवासी मनीष कुमार आगरा मंडी से सब्जी लाकर गांवों में बेचता था। हादसे में उसकी मौत के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा पड़ा है। उसने अपने पीछे पत्नी सहित दो अबोध बच्चों को बिलखते हुए छोड़ा है। गांव में उसका शव आते ही कोहराम मच गया।
गांव नगला सेवा निवासी राजकुमार वाल्मीकि आगरा में रहकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। बारिश के दिनों में उनके मकान के पास बनी पोखर के ओवरफ्लो होने से अक्सर उनके मकान के आसपास पानी भरा रहता था। पिछले चार दिनों की बारिश में उनके मकान के चारों ओर पानी भर गया था। वह दो दिन पहले ही घर का हालचाल देखने आए थे। शनिवार की शाम को घर से आगरा गए थे। रास्ते में हुए हादसे में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था। इस गांव में वाल्मीकि समाज का एक ही परिवार रहता है। अब उनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा। उनकी बड़ी पुत्री शादी के योग्य है।
श्मशान भूमि नहीं, दोनों शवों का सड़क किनारे अंतिम संस्कार
सहपऊ। क्षेत्र के गांव राम पुर में तो मृतकों के दाह संस्कार के लिए कोई भी श्मशान भूमि नहीं है। इधर, गांव नगला सेवा में एक ही वाल्मीकि परिवार एवं एक ब्राह्मण परिवार रहता है। मृतक के वाल्मीकि होने पर उसके परिवार को बारिश के समय अंतिम संस्कार की चिंता सताने लगी, क्योंकि गांव में उनके परिवार के दाह संस्कार के लिए कोई भी श्मशान नहीं है। बाद में दोनों गांवों के कुछ गण्यमान्य लोगों ने उनको सड़क के किनारे ही दाह संस्कार करने की सलाह दी। दोनों के परिजनों ने शवों को सड़क के किनारे पर रखकर अंतिम संस्कार कर दिया। संवाद
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सादाबाद-आगरा मार्ग स्थित बरौस टोल प्लाजा के पास शनिवार की देर रात हुए हादसे में क्षेत्र के गांव रामपुर निवासी 26 वर्षीय युवक मनीष एवं गांव नगला सेवा निवासी 38 वर्षीय राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गांव बुढ़ाइच निवासी पवन बुरी तरह घायल हो गया। उसका इलाज आगरा में चल रहा है। गांव रामपुर निवासी मनीष कुमार आगरा मंडी से सब्जी लाकर गांवों में बेचता था। हादसे में उसकी मौत के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा पड़ा है। उसने अपने पीछे पत्नी सहित दो अबोध बच्चों को बिलखते हुए छोड़ा है। गांव में उसका शव आते ही कोहराम मच गया।
गांव नगला सेवा निवासी राजकुमार वाल्मीकि आगरा में रहकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। बारिश के दिनों में उनके मकान के पास बनी पोखर के ओवरफ्लो होने से अक्सर उनके मकान के आसपास पानी भरा रहता था। पिछले चार दिनों की बारिश में उनके मकान के चारों ओर पानी भर गया था। वह दो दिन पहले ही घर का हालचाल देखने आए थे। शनिवार की शाम को घर से आगरा गए थे। रास्ते में हुए हादसे में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था। इस गांव में वाल्मीकि समाज का एक ही परिवार रहता है। अब उनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा। उनकी बड़ी पुत्री शादी के योग्य है।
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श्मशान भूमि नहीं, दोनों शवों का सड़क किनारे अंतिम संस्कार
सहपऊ। क्षेत्र के गांव राम पुर में तो मृतकों के दाह संस्कार के लिए कोई भी श्मशान भूमि नहीं है। इधर, गांव नगला सेवा में एक ही वाल्मीकि परिवार एवं एक ब्राह्मण परिवार रहता है। मृतक के वाल्मीकि होने पर उसके परिवार को बारिश के समय अंतिम संस्कार की चिंता सताने लगी, क्योंकि गांव में उनके परिवार के दाह संस्कार के लिए कोई भी श्मशान नहीं है। बाद में दोनों गांवों के कुछ गण्यमान्य लोगों ने उनको सड़क के किनारे ही दाह संस्कार करने की सलाह दी। दोनों के परिजनों ने शवों को सड़क के किनारे पर रखकर अंतिम संस्कार कर दिया। संवाद
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