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आलू भंडारण के लिए जिले पर बनेगी कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:09 AM IST
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किसानों को आलू भंडारण पर अनुदान दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट में बैठक करते डीएम।
- फोटो : Amar Ujala
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कीमतें धराशाई होने से मंदी की मार से जूझ रहे आलू किसानों को परिवहन भाड़े पर अनुदान का फायदा दिलाने के लिए डीएम अमित कुमार सिंह ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की।
जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने बताया कि आलू के भंडारण के लिए जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा। व्यापारियों और किसानों ने आलू से संबंधित समस्यायों को बैठक में रखा।
कुछ किसानों ने कहा कि आलू की खपत के लिए चिप्स की फैक्ट्री लगाई जाए। आलू के लिए अनुदान राशि को सीधे डीवीटी के माध्यम से किसानों के खाताें में भेजा जाए। किसानों ने कहा कि भाड़ा अनुदान योजना का अधिकतर लाभ व्यापारियों को होता है, जिससे किसान वंचित रह जाते हैं। किसानों को आवश्यक साक्ष्य और कागज को पूरा करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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डीएम ने बताया कि जिले के आलू किसान एवं व्यापारियों की नीतिगत समस्याओं के हल के लिए शासन स्तर पर बात की जाएगी। आलू किसानों की समस्याओं का हल अवश्य निकाला जाएगा। प्रदेश में आलू उत्पादक जिलों के मुकाबले अन्य जिलों में आलू के तुलनात्मक रूप से अधिक बाजार मूल्य के दृष्टिगत राज्य की सीमा के अंतर्गत 300 किमी से अधिक दूरी के परिवहन एवं भारत के अन्य राज्यों में यूपी के तुलनात्मक रूप से अधिक बाजार मूल्य के दृष्टिगत राज्य में उत्पादित आलू को भारत के अन्य राज्यों में भेजने पर वास्तविक रुप से व्यय किए गए परिवहन भाड़े पर सरकार द्वारा आलू किसान और व्यापारियों को अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।
आलू किसान प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत संबंधित कागजात पूरे कर लाभ ले सकते हैं। बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, शीतगृह स्वामी और किसान मौजूद थे।
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जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने बताया कि आलू के भंडारण के लिए जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा। व्यापारियों और किसानों ने आलू से संबंधित समस्यायों को बैठक में रखा।
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कुछ किसानों ने कहा कि आलू की खपत के लिए चिप्स की फैक्ट्री लगाई जाए। आलू के लिए अनुदान राशि को सीधे डीवीटी के माध्यम से किसानों के खाताें में भेजा जाए। किसानों ने कहा कि भाड़ा अनुदान योजना का अधिकतर लाभ व्यापारियों को होता है, जिससे किसान वंचित रह जाते हैं। किसानों को आवश्यक साक्ष्य और कागज को पूरा करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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डीएम ने बताया कि जिले के आलू किसान एवं व्यापारियों की नीतिगत समस्याओं के हल के लिए शासन स्तर पर बात की जाएगी। आलू किसानों की समस्याओं का हल अवश्य निकाला जाएगा। प्रदेश में आलू उत्पादक जिलों के मुकाबले अन्य जिलों में आलू के तुलनात्मक रूप से अधिक बाजार मूल्य के दृष्टिगत राज्य की सीमा के अंतर्गत 300 किमी से अधिक दूरी के परिवहन एवं भारत के अन्य राज्यों में यूपी के तुलनात्मक रूप से अधिक बाजार मूल्य के दृष्टिगत राज्य में उत्पादित आलू को भारत के अन्य राज्यों में भेजने पर वास्तविक रुप से व्यय किए गए परिवहन भाड़े पर सरकार द्वारा आलू किसान और व्यापारियों को अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।
आलू किसान प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत संबंधित कागजात पूरे कर लाभ ले सकते हैं। बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, शीतगृह स्वामी और किसान मौजूद थे।