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आंधी बनी आफत
Hathras
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। शनिवार शाम को आई प्रचंड आंधी ने पूरी दिनचर्या को पटरी से उतार दिया। तेज आंधी से पेड़-पौधे गिर गए। दर्जनों छप्पर उड़ गए और होर्डिंग उखड़ गए। इस दौरान इतना तेज धूल का गुबार उड़ा कि चारों तरफ धूल ही धूल नजर आई। वाहनों के पहिए थम गए और हर कोई इस आंधी से बचने की कोशिश में भागता हुआ नजर आया। जो भी चीज इस अंधड़ की चपेट में आई, वह तहस-नहस हो गई। करीब एक घंटे तक इस आंधी का यह असर दिखाई दिया। शनिवार की दोपहर तक तो काफी तेज धूप थी और लोग गरमी की वजह से तिलमिला रहे थे, लेकिन शाम को एकाएक काफी तेज आंधी आई। धूल भरी आंधी से हर किसी की हालत खराब कर दी। भयंकर अंधड़ धूल भरे गुबार के साथ आया तो हर किसी को इस हवा के साथ-साथ धूल के थपेड़ों का सामना करना पड़ा। आंधी ने सैकड़ों पेड़-पौधे गिरा दिए। होर्डिंग उखड़ गए और काफी मकानों के छप्पर उड़ गए। चारों तरफ धूल ही धूल दिखाई दी और आंधी की वजह से ट्रैफिक भी जाम हो गया। वाहनों के पहिए थम गए। उसके बाद वाहन चालक दिन में भी लाइट चलाकर धीरे-धीरे चले। धूल भरी आंधी से घरों की किवाडे़ं तक टूट गई। बिजली और टेलीफोन के तार दर्जनों स्थानों पर टूटकर गिर गए। भीषण आंधी ने हर किसी का हाल-बेहाल कर दिया। इससे बचने के लिए लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिए। कुछ समय के लिए सड़कें सुनसान हो गईं। बिजली कटौती ने शनिवार को बेहाल करके रख दिया। सुबह पहले कंट्रोल ने बिजली कटवाई तो शाम तक ब्रेक डाउन और फॉल्ट से सप्लाई अस्त-व्यस्त रही और शाम ढलने के बाद तेज आंधी ने बिजली को चरमराकर रख दिया। लगभग सभी फीडरों पर तार टूटने से ब्रेक डाउन हुए, जिससे पूरे शहर और देहात की बिजली ठप हो गई। देर रात तक शहरी और ग्रामीण फीडरों की बिजली ठप थी और आधे से ज्यादा इलाके अंधेरे में डूबे थे। लोगों को बिना बिजली के काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को भी दिन की शुरुआत बिजली कटौती के साथ हुई। पहले कंट्रोल ने सुबह 7 बजे से बिजली बंद करा दी और सुबह करीब 10 बजे तक बिजली ठप रही। इसके बाद बिजली चालू तो हो गई, लेकिन लोकल फॉल्ट और ब्रेक डाउन से बिजली बाधित रही। 33 केवी ओढ़पुरा हो या गिजरौली या नवीपुर या फिर वाटर वर्क्स, इन बिजलीघरों के किसी न किसी फीडर पर ब्रेक डाउन की वजह से बिजली ठप रही। शाम होते ही एकाएक आई तूफानी आंधी ने बिजली की लाइनों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया, जिससे ज्यादातर फीडर ब्रेक डाउन के शिकार हो गए। देर शाम आई इस आंधी के बाद जिले का एक बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया। अंधेरा होने की वजह से पेट्रोलिंग टीमें फॉल्ट भी अटेंड नहीं करवा पाईं, जिससे देर रात तक अंधेरा छाया हुआ था।
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