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मार्च में बोर्ड परीक्षा के फैसले से खलबली
Hathras
Updated Sat, 25 Oct 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को मार्च में पूरा कराने के निर्णय के बाद अब विद्यालयों में शिक्षण संस्थाओं में खलबली मच गई है। अब शिक्षकों और विद्यार्थियों को आने वाले चार माह में पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। इस दौरान जूनियर कक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरा कराकर वार्षिक परीक्षाएं भी करानी होंगी।
शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए परिषद द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं। परिषद ने अब पाठ्यक्रम का निर्धारण करते हुए शैक्षिक पंचांग पूर्व में ही जारी कर दिया है। इसके साथ ही अब परिषद ने फिर से निर्देश दिए हैं कि इस बार 31 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक एवं बोर्ड परीक्षा कराई जानी है। इसे लेकर अब शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक और विद्यार्थियों पर आने वाले नवंबर से फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए दबाव बढ़ गया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि इस दौरान विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ तो उनके सामने परीक्षाएं देने में कठिनाई होंगी। इन हालातों में विद्यार्थियों को परीक्षाएं अच्छे तरीके से देने में परेशानी होगी। इस स्थिति को देखते हुए अब शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा पाठ्यक्रम को समय रहते पूरा करने एवं इसका रिवीजन करने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं, जिससे वार्षिक और बोर्ड परीक्षा देने में अधिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पडे़।
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शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए परिषद द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं। परिषद ने अब पाठ्यक्रम का निर्धारण करते हुए शैक्षिक पंचांग पूर्व में ही जारी कर दिया है। इसके साथ ही अब परिषद ने फिर से निर्देश दिए हैं कि इस बार 31 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक एवं बोर्ड परीक्षा कराई जानी है। इसे लेकर अब शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक और विद्यार्थियों पर आने वाले नवंबर से फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए दबाव बढ़ गया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि इस दौरान विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ तो उनके सामने परीक्षाएं देने में कठिनाई होंगी। इन हालातों में विद्यार्थियों को परीक्षाएं अच्छे तरीके से देने में परेशानी होगी। इस स्थिति को देखते हुए अब शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा पाठ्यक्रम को समय रहते पूरा करने एवं इसका रिवीजन करने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं, जिससे वार्षिक और बोर्ड परीक्षा देने में अधिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पडे़।
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