{"_id":"7-21948","slug":"Hathras-21948-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्धा को 34 साल की दिखाकर कर दिया बीमा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृद्धा को 34 साल की दिखाकर कर दिया बीमा
Hathras
Updated Thu, 09 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। ऐंहन डाकघर के रिकॉर्ड की चल रही जांच में सस्पेंड डाकपाल का एक और कारनामा सामने आया है। सस्पेंड डाकपाल ने 70 साल की एक वृद्धा को 34 साल की दिखाकर ग्रामीण डाक जीवन बीमा निगम के तहत बीमा कर दिया, जबकि बीमा 45 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति का नहीं हो सकता।
ऐंहन डाकघर में डाकपाल अमर सिंह द्वारा ग्राहकों की जमापूंजी में किए गए घोटाले की जांच चल रही है। जांच में डाकपाल को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और अब डाकपाल द्वारा पांच लाख रुपये का गबन करने की बात सामने आ चुकी है। जांच के लिए बुधवार को हाथरस मुख्य डाकघर के एएसपी त्रिभुवन कुमार ऐंहन डाकघर पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे गांव में ग्राहकों के डाकघर पहुंचने की मुनादी कराई। काफी ग्राहक डाकघर पहुंचे और वहां उन्होंने अपनी अपनी समस्याएं रखीं। एएसपी ने बताया कि जांच में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें सस्पेंड डाकपाल अमर सिंह ने एक 70 साल की वृद्धा को विभागीय रिकॉर्ड में 34 साल का दर्शाकर उसका ग्रामीण जीवन बीमा में बीमा कर दिया, जबकि 45 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति को यह बीमा नहीं दिया जा सकता। इस बीमा के लिए वृद्धा ने 28 हजार रुपये जमा किए थे, लेकिन पासबुक में सिर्फ 7 हजार रुपये ही जमा थे। इसी तरह गांव की एक महिला अंजू ने भी डाकपाल को 5 हजार रुपये खाते में जमा करने के लिए दिए थे, लेकिन डाकपाल ने 2009 में बंद हो चुकी किसी और की पासबुक में यह रकम चढ़ा दी। एएसपी ने बताया कि जांच जारी है। जल्द ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज होगी।
विज्ञापन
ऐंहन डाकघर में डाकपाल अमर सिंह द्वारा ग्राहकों की जमापूंजी में किए गए घोटाले की जांच चल रही है। जांच में डाकपाल को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और अब डाकपाल द्वारा पांच लाख रुपये का गबन करने की बात सामने आ चुकी है। जांच के लिए बुधवार को हाथरस मुख्य डाकघर के एएसपी त्रिभुवन कुमार ऐंहन डाकघर पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे गांव में ग्राहकों के डाकघर पहुंचने की मुनादी कराई। काफी ग्राहक डाकघर पहुंचे और वहां उन्होंने अपनी अपनी समस्याएं रखीं। एएसपी ने बताया कि जांच में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें सस्पेंड डाकपाल अमर सिंह ने एक 70 साल की वृद्धा को विभागीय रिकॉर्ड में 34 साल का दर्शाकर उसका ग्रामीण जीवन बीमा में बीमा कर दिया, जबकि 45 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति को यह बीमा नहीं दिया जा सकता। इस बीमा के लिए वृद्धा ने 28 हजार रुपये जमा किए थे, लेकिन पासबुक में सिर्फ 7 हजार रुपये ही जमा थे। इसी तरह गांव की एक महिला अंजू ने भी डाकपाल को 5 हजार रुपये खाते में जमा करने के लिए दिए थे, लेकिन डाकपाल ने 2009 में बंद हो चुकी किसी और की पासबुक में यह रकम चढ़ा दी। एएसपी ने बताया कि जांच जारी है। जल्द ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज होगी।
विज्ञापन