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बसपा-भाजपा नेताओं पर दर्ज मुकदमा निरस्त
Hathras
Updated Fri, 25 Jul 2014 05:30 AM IST
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सिकंदराराऊ। गैंगरेप पीड़िता की मौत पर बवाल के दौरान खोखे में आगजनी के मामले में कोतवाली पुलिस बैक फुट पर आ गई है। पुलिस ने यामीन की तरफ से इस मामले में द्वारा दर्ज रिपोर्ट को निरस्त कर दिया है। लोगों का कहना हैं कि इससे सिद्ध हो गया है कि कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सही मंशा से काम नहीं किया। रिपोर्ट में दो भाजपा और एक बसपा नेता को नामजद किया गया था।
बता दें कि बवाल के पश्चात एक रिपोर्ट तो पुलिस ने दर्ज कराई थी, जबकि दूसरी रिपोर्ट पंत चौराहा स्थित टायर मिस्त्री यामीन ने भाजपा नेता नरेंद्र सिंह चौहान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवदत्त वर्मा और बसपा व व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसमें उल्लेख किया गया था कि इन तीन नेताओं के साथ 20-25 अज्ञात लोगों ने आकर उसकी टायर की दुकान से पुराने और नए टायर निकालकर आग लगा दी। इसके साथ कई खोखे और ढकेलों को जलाकर राख कर दिया था। मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब कि वादी यामीन ने एक हलफनामा दिया कि रिपोर्ट उसने दर्ज नहीं कराई है। रिपोर्ट में किसी अन्य ने दस्तखत किए हैं, जबकि वह अंगूठा टेक है। रिपोर्ट को लेकर व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय अदालत की शरण में चले गए। पुलिस के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया। इधर, कोतवाल नित्यानंद सिंह ने बताया कि हलफनामा पुलिस को भी मिला है। उसकी जांच में पाया गया कि किसी ने गलत रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। माना जा रहा है कि परिवाद से घबराकर पुलिस ने यह कदम उठाया है।
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बता दें कि बवाल के पश्चात एक रिपोर्ट तो पुलिस ने दर्ज कराई थी, जबकि दूसरी रिपोर्ट पंत चौराहा स्थित टायर मिस्त्री यामीन ने भाजपा नेता नरेंद्र सिंह चौहान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवदत्त वर्मा और बसपा व व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसमें उल्लेख किया गया था कि इन तीन नेताओं के साथ 20-25 अज्ञात लोगों ने आकर उसकी टायर की दुकान से पुराने और नए टायर निकालकर आग लगा दी। इसके साथ कई खोखे और ढकेलों को जलाकर राख कर दिया था। मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब कि वादी यामीन ने एक हलफनामा दिया कि रिपोर्ट उसने दर्ज नहीं कराई है। रिपोर्ट में किसी अन्य ने दस्तखत किए हैं, जबकि वह अंगूठा टेक है। रिपोर्ट को लेकर व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय अदालत की शरण में चले गए। पुलिस के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया। इधर, कोतवाल नित्यानंद सिंह ने बताया कि हलफनामा पुलिस को भी मिला है। उसकी जांच में पाया गया कि किसी ने गलत रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। माना जा रहा है कि परिवाद से घबराकर पुलिस ने यह कदम उठाया है।
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