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झोलाछाप ने मासूम को लगाया मौत का इंजेक्शन
Hathras
Updated Sun, 22 Sep 2013 05:36 AM IST
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सासनी (हाथरस)। स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता के कारण झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शनिवार को सासनी रेलवे स्टेशन स्थित एक छोलाछाप के क्लीनिक पर उपचार के दौरान ग्राम बांधनूं निवासी पवन कुमार के दो वर्षीय मासूम बेटे आर्यन की मौत हो गई। झोलाछाप दुकान छोड़कर फरार हो गया। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। देर शाम तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। पवन कुमार गांव में परचून की दुकान चलाता है। शनिवार की सुबह उसके दो वर्षीय इकलौते पुत्र आर्यन की तबियत अचानक खराब हो गई। करीब 11 बजे पवन और उसकी पत्नी लता बेटे को उपचार कराने के लिए सासनी रेलवे स्टेशन बंगाली चिकित्सालय पर लेकर आए। आरोप है कि उपचार के दौरान झोलाछाप ने उसे इंजेक्शन लगा दिया, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ते ही झोलाछाप के हाथ-पांव फूल गये। इधर मासूम ने बिलखते हुए दम तोड़ दिया। घटना के बाद झोलाछाप डॉक्टर दुकान छोड़कर फरार हो गया। पुत्र की मौत होने पर माता पिता सिर पटक-पटककर रोने लगे। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही गांव एवं आसपास के लोगों की भीड़ घटना स्थल पर जमा हो गई। माता-पिता बच्चे के शव को लेकर गांव पहुंचे तो परिवार में करुण क्रंदन शुरू हो गया। समाचार लिखे जाने तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
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