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आर्थिक अपराध शाखा ने की जांच शुरू
Hathras
Updated Mon, 26 Aug 2013 05:34 AM IST
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हाथरस। जिले में विगत दिनाें पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में हुए 56 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच तेजी से शुरू कर दी है। शनिवार को जांच अधिकारी ने डीआईओएस एवं बीएसए से मुलाकात की। दोनों शिक्षण संस्थाओं की मान्यता की जांच की। दोनों अफसरों ने जांच अधिकारी को लिखित रूप में अवगत कराया है कि इन दोनों ही शिक्षण संस्थाओं की मान्यता उनके विभागों से नहीं हुई है। मान्यता संबंधी जो प्रपत्र रिकॉर्ड में दिखाए गए हैं वह भी कूट रचित हैं।
ज्ञात रहे कि विगत दिनों जिले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से हसायन एवं कानऊ के दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों में आधा दर्जन से अधिक चेकों को माध्यम से 56 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। इस मामले को जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने काफी गंभीरता से लिया और पांच बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी फर्जी शैक्षिक संस्थाओं के साथ मिली भगत कर छात्रवृत्ति का पैसा हड़प करने के आरोप में जेल भेज दिया। घटना की रिपोर्ट थाना मुरसान में दर्ज होने के बाद क्योंकि यह मामला आर्थिक अपराध का था। जिले के आर्थिक आपराध शाखा को इसकी जांच सौंपी गई है। इसी जांच के तहत गत दिवस जांच अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार गुप्ता एवं जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने इन दोनों शिक्षण संस्थाओं की मान्यता के संबंध में जानकारी की। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने जांच अधिकारी को लिखित रूप में इन शिक्षण संस्थाओं की मान्यता न होने की जानकारी दी है।
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ज्ञात रहे कि विगत दिनों जिले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से हसायन एवं कानऊ के दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खातों में आधा दर्जन से अधिक चेकों को माध्यम से 56 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। इस मामले को जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने काफी गंभीरता से लिया और पांच बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी फर्जी शैक्षिक संस्थाओं के साथ मिली भगत कर छात्रवृत्ति का पैसा हड़प करने के आरोप में जेल भेज दिया। घटना की रिपोर्ट थाना मुरसान में दर्ज होने के बाद क्योंकि यह मामला आर्थिक अपराध का था। जिले के आर्थिक आपराध शाखा को इसकी जांच सौंपी गई है। इसी जांच के तहत गत दिवस जांच अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार गुप्ता एवं जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने इन दोनों शिक्षण संस्थाओं की मान्यता के संबंध में जानकारी की। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने जांच अधिकारी को लिखित रूप में इन शिक्षण संस्थाओं की मान्यता न होने की जानकारी दी है।
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