मप्र में सड़क हादसा: इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर और मां की हादसे में मौत, पिता की हालत गंभीर, तीन अन्य भी घायल
छवि पढ़ाई कर रही थी साथ ही वह इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर भी थी। सोशल मीडिया के जरिये छवि ने लोकप्रियता हासिल कर ली थी और वह परिवार का सहारा भी बन चुकी थी। परिवार ने उज्जैन में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम बनाया था।
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हाथरस में हसायन के महौ गांव का रहने वाला परिवार मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में उज्जैन-गरोठ हाईवे पर मंगलवार सुबह दुर्घटना का शिकार हो गया। परिवार की तेज रफ्तार कार पीछे से ट्रक में घुस गई। इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर छवि वार्ष्णेय (22) व उनकी मां सरिता (47) की मौके पर ही मौत हो गई। छवि के पिता श्यामबाबू लाल (49) की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे में श्यामबाबू के समधी सूरजपाल (53) निवासी मुरवार गोंडा (अलीगढ़) और चालक सचिन (30) भी घायल घायल हुए हैं।
श्याम बाबूलाल का महौ में किराने का कारोबार है। दो बच्चों में बड़ा बेटा कृष्णा भी कारोबार संभालता है। बेटी छवि पढ़ाई कर रही थी साथ ही वह इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर भी थी। सोशल मीडिया के जरिये छवि ने लोकप्रियता हासिल कर ली थी और वह परिवार का सहारा भी बन चुकी थी।
परिवार ने उज्जैन में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम बनाया था। सोमवार की सुबह कृष्णा के ससुर सूरजपाल अपनी अर्टिगा कार लेकर आए थे। यहां से श्यामबाबू लाल, उनकी पत्नी सरिता व बेटी छवि साथ में उज्जैन के लिए निकले थे। सोमवार शाम परिवार ने राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन किए। वहां आराम करने के बाद देर रात उज्जैन के लिए निकले।
मंगलवार सुबह छह बजे उज्जैन से करीब 70 किलोमीटर पहले आगर मालवा जिले के बड़ौद क्षेत्र में गांव रामाखेड़ी के समीप कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखचे उड़ गए। छवि उछल कर दूर जाकर गिरीं, जबकि मां गाड़ी में ही फंस गईं। श्यामलाल व सूरजपाल को भी गंभीर चोटें आईं। चालक सचिन को हल्की चोटें लगीं। छवि व उनकी मां सरिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अन्य तीनों घायल आगर मालवा के जिला अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे की जानकारी पर गांव से परिजन आगर मालवा के लिए रवाना हो गए, जो देर शाम वहां पहुंचे।
गांव में शोक की लहर, हर कोई स्तब्ध
हादसे की खबर मिलते ही महौ गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास की दुकानें भी बंद रहीं। बड़ी संख्या में व्यापारी श्यामबाबू के घर पहुंचे। हर कोई घटना से स्तब्ध दिखा। घर पर श्यामबाबू के भाई व भतीजे मौजूद थे। सरिता भाजपा के महिला मोर्चा में जिला महामंत्री भी रह चुकी हैं। दिन भर सांत्वना देने वालों का जमघट लगा रहा। श्यामबाबू व उनके भाइयों की दुकानें मुख्य बाजार में है, जिस कारण वहां भी सन्नाटा देखने को मिला।
बेटे-बहू को नहीं दी मौत की खबर
श्यामबाबू के इकलौते बेटे कृष्णा व उनकी पत्नी को बहन छवि व मां सरिता की मौत की सूचना नहीं दी गई थी। कृष्णा को यही बताया गया कि हादसा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर तक शवों के गांव आने की संभावना है।